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मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल, गुरुग्राम के होटल में एमपी के 8 विधायक; रमा बाई कांग्रेस नेता के साथ वापस लौटी

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मध्य प्रदेश सरकार को लेकर सियासी ड्रामा हरियाणा के गुरुग्राम में चल रहा है। कांग्रेस का आरोप हैं कि मध्य प्रदेश के आठ विधायकों को गुरुग्राम के एक होटल में बीजेपी ले आई है। आधी रात को ही बीएसपी की बागी विधायक रमा बाई को कांग्रेस नेता अपने साथ होटल से ले गए।

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश सरकार को लेकर सियासी ड्रामा हरियाणा के गुरुग्राम में चल रहा है। कांग्रेस का आरोप हैं कि मध्य प्रदेश के आठ विधायकों को गुरुग्राम के एक होटल में बीजेपी ले आई है। आधी रात को ही बीएसपी की बागी विधायक रमा बाई को कांग्रेस नेता अपने साथ होटल से ले गए तो वहीं दिग्विजिय सिंह कांग्रेस के विधायकों को लेने गुरुग्राम पहुंच चुके हैं। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी ने उनके इन विधायकों को होटल में बंधक बना रखा है।

गुरुग्राम के एक होटल में लाए गए 8 विधायकों में से चार विधायक कांग्रेस के हैं जबकि चार विधायक निर्दलिय हैं। जैसे ही कांग्रेस नेताओं को खबर लगी वैसे ही कल रात कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन गुरुग्राम के होटल पहुंच गए। बीएसपी की निलंबित विधायक रमा बाई को कांग्रेस नेता होटल से अपने साथ लेकर चले गए।

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि हम उन्हें वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं। उनमें से चार विधायक वापस भी आ गए हैं, लेकिन आदिवासी विधायक बिसाहूलाल सिंह को जबरन उठा लिया गया है। पटवारी के इस बयान से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि बीजेपी के एक पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह बीएसपी की विधायक रामबाई को चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली ले गए हैं। बीजेपी ने दिग्विजय के इस दावे को खारिज करते कहा कि राज्यसभा के 26 मार्च को होने वाले चुनाव में अपना नामांकन सुनिश्चित करने के लिये वह इस तरह के बयान दे रहे हैं।

इस बीच, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘‘हालात नियंत्रण में हैं। ऐसा कुछ नहीं है। विधायक वापस आ जायेंगे।’’ कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक हरियाणा ले जाए गए आठ विधायकों में से चार कांग्रेस, एक निर्दलीय और बाकी बसपा और सपा के विधायक हैं।

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी के रामपाल सिंह, नरोत्तम मिश्रा समेत कई नेता इन बंधक विधायकों को पैसे देने वाले थे। अगर वहां छापा पड़ा होता तो पुलिस को रिश्वत की रकम भी मिल जाती। दिग्विजय ने बताया कि बीजेपी नेताओ के कब्जे में 10-11 विधायक थे लेकिन अब सिर्फ 4 विधायक हैं, बाकी सब वापस कांग्रेस खेमे में आ गए हैं।

वहीं बीजेपी ने साफ शब्दों में कहा था कि उसका इससे कोई लेना देना नहीं है और उन्होंने इसे कांग्रेस की आंतरिक कलह करार दिया था। बता दें कि इससे पहले दिग्विजय सिंह ने बीजेपी नेताओं पर आरोप लगाया था कि वे राज्य में कांग्रेस के विधायकों को अपने पाले में मिलाने के लिए 25-35 करोड़ रुपए का ऑफर दे रह हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘‘मध्य प्रदेश में बीजेपी जब से विपक्षी दल बना है, शिवराज सिंह, नरोत्तम मिश्रा और वे सभी जिन्होंने 15 साल तक राज्य को लूटा, अब खुल्लम खुल्ला कांग्रेस पार्टी के विधायकों को 25-35 करोड़ रुपए का ऑफर दे रहे हैं।’’

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे कोई भी बात बिना तथ्य के नहीं कहते, उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह और नरोत्तम मिश्रा के बीच सांठगांठ हो गई है और उनमें से एक मुख्यमंत्री और दूसरा उप मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को फोन करके ऑफर दिया जा रहा है कि 5 करोड़ रुपए अभी ले लो और दूसरी किश्त जब राज्यसभा चुनाव होंगे तब मिलेगी और तीसरी किस्त कांग्रेस सरकार गिरने के बाद।

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