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दुल्लापुर में मरार समाज ने मां शाकंभरी देवी एवं माता सावित्री बाई फुले की जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो केसीजी

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि रहे शामिल, मंदिर निर्माण को 3 लाख और पुल निर्माण को 3.82 करोड़ की स्वीकृति

गंडई पंडरिया। ग्राम दुल्लापुर में मरार समाज एवं समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में देवतुल्य देवी मां शाकंभरी देवी तथा महान समाज सुधारक एवं भारत की प्रथम शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले की जयंती पर भव्य धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे प्रारंभ होकर देर शाम तक चला, जिसमें पूरे गांव का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता से ओतप्रोत रहा।

बाजे-गाजे के साथ निकली भव्य कलश यात्रा

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बाजे-गाजे सहित निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा एवं बच्चे शामिल हुए। यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर निकाली गई, जहां ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

सब्जियों से सजे कलश बने आकर्षण का केंद्र

कलश यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि महिलाओं ने कलशों को हरी-भरी ताजी सब्जियों से सुंदर एवं आकर्षक ढंग से सजाया। यह सजावट मां शाकंभरी देवी को अन्न, कृषि, हरियाली और समृद्धि की देवी के रूप में दर्शाती है। सब्जियों से सजे कलशों ने यात्रा को एक अलग पहचान दी और लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

मंच भी सब्जियों से सजा, दिया गया पर्यावरण व पोषण का संदेश

कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए मंच को भी विभिन्न प्रकार की ताजी सब्जियों से सजाया गया। मंच की यह सजावट न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि लोगों को कृषि, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित पोषण का संदेश भी देती नजर आई।

गांव की गली-गली में हुई पूजा-अर्चना

कलश यात्रा के दौरान गांव की प्रत्येक गली में श्रद्धालु माताओं द्वारा मां शाकंभरी देवी के तैलचित्र पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। घर-घर दीप प्रज्वलित कर मां की आरती उतारी गई, जिससे पूरे गांव में भक्तिमय माहौल बन गया। इसके पश्चात यात्रा कार्यक्रम स्थल पर पहुंची।

मां शाकंभरी देवी एवं माता सावित्री बाई फुले की विधिवत पूजा

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मां शाकंभरी देवी एवं माता सावित्री बाई फुले की विधिवत पूजा संपन्न हुई। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय ने मां शाकंभरी देवी के आदर्शों तथा माता सावित्री बाई फुले के सामाजिक सुधार, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विचारों का स्मरण किया।

मंदिर निर्माण की मांग, जनप्रतिनिधि ने दिया 3 लाख रुपये का आश्वासन

शाम 5 बजे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि खम्हन ताम्रकार विशेष रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर मरार समाज एवं ग्रामीणों द्वारा मां शाकंभरी देवी के मंदिर निर्माण की मांग रखी गई। मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए ताम्रकार ने मंदिर निर्माण हेतु 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया, जिस पर उपस्थित ग्रामीणों ने तालियों के साथ स्वागत किया।

मां शाकंभरी देवी की जीवनी पर प्रकाश

अपने उद्बोधन में श्री खम्हन ताम्रकार ने मां शाकंभरी देवी की जीवनी बताते हुए कहा कि मां शाकंभरी देवी अन्न, कृषि और जीवन की रक्षक देवी हैं। उन्होंने कहा कि मां का संदेश आत्मनिर्भरता, प्रकृति से जुड़ाव और समाज में संतुलन बनाए रखने का मार्ग दिखाता है।

माता सावित्री बाई फुले को बताया भारत की प्रथम शिक्षिका

माता सावित्री बाई फुले की जयंती पर बोलते हुए  ताम्रकार ने उन्हें भारत की प्रथम महिला शिक्षिका बताया। उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले ने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा का दीप जलाकर समाज को नई दिशा दी और नारी सशक्तिकरण की नींव रखी।

दुल्लापुर में पुल निर्माण को मिली 3 करोड़ 82 लाख 5 हजार की स्वीकृति

कार्यक्रम के दौरान खम्हन ताम्रकार बताया कि दुल्लापुर क्षेत्र के लिए प्रदेश के सीएम ने एक बड़ी सौगात की घोषणा की थी और पुल निर्माण के लिए 3 करोड़ 82 लाख 5 हजार रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इस जानकारी से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं युवाओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक संदेश दिए गए, जिन्हें उपस्थित ग्रामीणों ने खूब सराहा।

प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन

अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफल रहा।

बड़ी संख्या में समाजजन और ग्रामीण रहे उपस्थित

इस आयोजन में मरार समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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