छुईखदान-गंडई जिले में रबी फसल 2022-23 के चना बीमा की राशि जिले के दर्जनों गांव में नहीं आई है। जिले के दर्जनों गांव के सैकड़ो लोग 28 अगस्त सोमवार को जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे।


खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में रबी फसल 2022-23 के चना बीमा की राशि जिले के दर्जनों गांव में नहीं आई है। जिले के दर्जनों गांव के सैकड़ो लोग 28 अगस्त सोमवार को जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। मुढ़ीपार, मुड़पार, कुसुमकुआं, गुमानपुर, पीपलाकछार, रीवागहन, बरगांव, सलोनी, अवेळी, कुमही, गर्रा, उदान, मानिकचौरी, जंगलपुर, खोंघा, करेला, मोहडबरी, इटिकसा, कटंगीकला, लोधी नवागांव, बाज़गुड़ा आदि गांव से सैंकड़ो लोग आए थे।

खैरागढ़ : खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में रबी फसल 2022-23 के चना बीमा की राशि जिले के दर्जनों गांव में नहीं आई है। जिले के दर्जनों गांव के सैकड़ो लोग 28 अगस्त सोमवार को जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। मुढ़ीपार, मुड़पार, कुसुमकुआं, गुमानपुर, पीपलाकछार, रीवागहन, बरगांव, सलोनी, अवेळी, कुमही, गर्रा, उदान, मानिकचौरी, जंगलपुर, खोंघा, करेला, मोहडबरी, इटिकसा, कटंगीकला, लोधी नवागांव, बाज़गुड़ा आदि गांव से सैंकड़ो लोग आए थे। जिला पंचायत सभापति विप्लव साहू, नरोत्तम सिंनहा, केशव साहू, मधुसूदन साहू, पुरुषोत्तम साहू, खेमराज जैन के नेतृत्व के साथ नकुल साहू, परदेसी देवांगन, भूषण वर्मा सुनील वर्मा, धनी राम साहू, रवींद्र वर्मा, सनत वर्मा आदि दर्जनों गांव के किसान सैंकड़ो किसान कलेक्टोरेट पहुंचे। वर्तमान सत्र में बीमा क्लेम में काफी विसंगतियां पाई गई है, यह पूरी तरह विभागीय त्रुटि और बीमा कंपनियों की लापरवाही है। किसानों ने बताया कि बीमा कंपनी में कॉल किए जाने पर बीमा कंपनी वाले बोलते हैं कि आपका नाम ही नहीं है। किसानों के साथ इस तरह के व्यवहार साल दर साल अन्नदाताओं के साथ अन्याय है। कलेक्टर और कृषि अधिकारी ने एक सप्ताह में इसके कारण और निदान का भरोसा दिया है। और वहीं 15 दिनों के अंदर इसका समुचित निपटान नहीं होने पर किसान संघ ने किसान हित मे विभाग और बीमा कंपनी के विरूद्ध उग्र आंदोलन प्रदर्शन की चेतावनी दिया है।
