G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhINDIAखास-खबर

राज्यपाल  रमेन डेका ने खैरागढ़ में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया विभिन्न योजनाओं का जायजा

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ केसीजी

खैरागढ़, 21 मार्च 2025//

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन कलेक्टरेट के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक के दौरान उन्होंने जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली और उनकी समीक्षा की। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना, दुर्ग संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, राजनांदगांव रेंज आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर चन्द्रकांत वर्मा और पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल, वनमंडलाधिकारी श्री आलोक तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

अमृत सरोवर और जल संचयन पर जोर

बैठक की शुरुआत जिले में संचालित “अमृत सरोवर” योजना की समीक्षा से हुई, जिसमें जिला सीईओ ने जानकारी दी कि जिले में कुल 31 अमृत सरोवर हैं। राज्यपाल श्री डेका ने सरोवरों के आसपास पेड़ लगाने और जल संचयन के उपाय करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जल स्तर की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण जनों को जल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण से पर्यावरण संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

टीबी उन्मूलन और स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान राज्यपाल श्री रमेन डेका ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कार्य करें। सीएमएचओ ने जिले में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत किए जा रहे प्रयासों और पीएम निक्षय पोषण आहार योजना की जानकारी दी। राज्यपाल ने लाइव टीबी केस की जानकारी भी ली और जिला प्रशासन को जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया ताकि टीबी से बचाव और उपचार की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंच सके।

इसके अलावा, राज्यपाल ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की समीक्षा भी की और टीबी उन्मूलन में रेड क्रॉस की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जिले में चल रहे सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ली और समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

पर्यावरण संरक्षण, सहकारी संस्थाएं और जनजातीय विकास पर फोकस

राज्यपाल ने “माँ के नाम पर एक पेड़” अभियान की समीक्षा की, जिसमें संबंधित विभाग ने जानकारी दी कि अब तक जिले में 2,31,083 पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि वृक्षारोपण के महत्व के बारे में नागरिकों को जागरूक किया जाए और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाए।

बैठक में सहकारी संस्थाओं की भी समीक्षा की गई, जिसमें राज्यपाल ने कहा कि आम नागरिकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने जनजातीय और वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का विकास करने और इन क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाने के लिए उपाय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि सही समय पर जनजातीय समुदायों को इनका लाभ मिल सके। राज्यपाल ने श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की भी जानकारी ली और श्रम विभाग से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

अंत में, राज्यपाल ने कृषि विभाग की समीक्षा की, जिसमें जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए चल रही गतिविधियों की जानकारी ली गई। उन्होंने कोदो फसल प्रदर्शन और जैविक खेती मिशन के अंतर्गत कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा की और इसे और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

राज्यपाल के निर्देश: योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो सुनिश्चित
बैठक के समापन पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जिले के विकास के लिए सभी नागरिकों को प्रदेश की योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए और समय पर उनका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संतुलन के लिए वृक्षारोपण को बढ़ावा देने और टीबी मुक्त भारत के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करने की बात कही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page