पंडरिया : शराब दुकानों को नेशनल हाईवे पर लाना दुर्घटना को न्यौता

पंडरिया : शराब दुकानों को नेशनल हाईवे पर लाना दुर्घटना को न्यौता

ज्ञात हो कि पूर्व में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शराब दुकानों को नेशनल हाईवे से दुर स्थापित करने सभी राज्यों के सरकार को आदेशित किया था। परन्तु इस आदेश के कुछ वर्ष उपरांत ही इसकी अवहेलना होने लगीं। तुषार चन्द्रवंशी ने इसकी कड़ी आलोचना करते हुए कहां की छत्तीसगढ़ जैसे भोले भाले प्रदेश में जहां दुध दहीं की धारा गंगा मां के सामान आम जनमानस को पवित्र कर रही हों वहां शराब दुकानों की आवश्यकता ही नहीं। परन्तु दुर्भाग्य की बात है सरकारें शराब दुकानें बंद करने की बात अपने लोकलुभावन घोषणा पत्र में तों करती आई है मगर आम जनमानस के स्वास्थ्य एवं जीवन को कोई नहीं देखता।
शराब ने कई परिवारो को उजाड़ा
पांडातराई नगर पंचायत की शराब दुकान जोकि पहले मडमडा रोड पर स्थित था।उसे अब नेशनल हाईवे पंडरिया रोड पर विस्थापित किया जा रहा है। गौरतलब है कि पंडरिया रोड़ पर ही शासकीय महाविद्यालय स्थापित है जहां से हजारों विद्यार्थी ज्ञान अध्ययन के लिए आवागमन करते हैं।साथ ही चारभाठा दशरगपुर पलानसरी परसवारा से पांडातराई पढ़ने आने वाले छोटे विद्यार्थी के लिए भी खतरा साबित हों सकता है। शराब दुकान के खुलने से सड़क पर भारी संख्या में शराबियों का जमावड़ा लगने लगता है। जहां से आम विद्यार्थियों का आना-जाना असंभव होता है।
साथ ही शक्कर कारखाना जाने वाली सड़क होने के कारण बड़ी संख्या में गन्ने से लदे ट्रैक्टर को रोककर वहां शराब सेवन करने की भी समस्या निकट भविष्य में आने की संभावना है। जो कि दुर्घटना को आमंत्रण देने वाला होंगा।
पोड़ी/पंडरिया
शराब दुकान नेशनल हाईवे के साथ साथ स्कूल के समिप जिससे विद्यार्थियों को अनेकों प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे पूर्व भी प्रशासन को लिखित में पत्र सौंपकर शराब दुकान हटाने की अपील किया गया। परन्तु आज तक दुकान जहां है वहीं स्थापित है।
शासन प्रशासन से आग्रह है शराब दुकान सामान्य जनमानस के पहुंच से बाहर स्थानांतरित करें। नागरिकों को असुविधा में डालकर दुकान संचालित करना कदापि उचित नहीं।
दुकान नेशनल हाईवे एवं स्कूल महाविद्यालय के रास्तों से नहीं हटाया जाता है तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करते हुए प्रदेश में नशाखोरी पर लगाम लगाने शराब दुकानों को बंद करने प्रदर्शन किया जाएगा।