बेजुबाँ समिति ने रात भर ऑपरेशन कर बचाया जान,ट्रक ने कुचला गौमाता के पीछे के दोनो पैर

बेजुबाँ समिति ने रात भर ऑपरेशन कर बचाया जान,ट्रक ने कुचला गौमाता के पीछे के दोनो पैर

पंडरिया : शासन प्रशासन की आंखे खोलने के लिए पता नही कितने गौमाताओ को इस तरह तड़फना पड़ेगा- सुमीत तिवारी हमने पूर्व में भी कई बार लिखित व मौखिक रूप से इस विषय को रखते रहे हैं,साथ ही हमने गौ सेवा आयोग अध्यक्ष से भी इसपर चर्चा किया था,लेकिन मिलता रहा है तो सिर्फ आश्वासन और इसी का दुष्परिणाम रहा है कि अबतक न जाने कितने गौमाताओ को अपने प्राण त्यागने पड़े हैं, दर्दनाक और दुखद घटना कल जो हुआ।
पंडरिया के तहसील चौक के पास ट्रक ने छोटे से बछिया के पीछे के दोनो पैरों को कुचल दिया,हमे सूचना मिली तो हमारे पूरी टीम के डॉक्टर शुभेन्द्र व साथियो ने रात भर ऑपरेशन किया किंतु अब वह नन्ही जान जीवन भर के लिए पीछे के दोनो पैर खो चुकी हैं और जब तक जिंदगी न हारे सिर्फ तड़फ ही देखने को मिलेगा,सरकरी योजना नगरी प्रशासन व राज्य सरकार के बीच या तो सामंजस नहीं बैठा पा रहे या फिर ये लोग इन गौमाताओ की सेवा व्यवस्था सिर्फ कागजों में करना चाहते क्योंकि इसका वोट नेताओ को नही मिलता और न ही ये आंदोलन कर सकते है।
सुमीत ने बताया हमारी समिति 2 वर्षो से ऐसी घटना देख रही है किंतु कल का जो केस है वो सामान्य व्यक्ति देख नही पाएगा और जिंदगी और मौत के बीच उंस बछड़े का तड़फना हमारी टीम के लिए भारी पड़ रहा है मैं ये कहना चाहता हु की अब और इस तरह की घटना हम नही देखना चाहते या तो गौमाता के ठीक होने तक का हिम्मत हारने तक का ही समय प्रशासन शासन के पास बचा है यदि इन कुछ दिनों में इनके लिए कोई व्यवस्था नही बनाते तो इसी तड़फती गौमाताओ को लेकर हम बीच सड़क में बैठ कर प्रदर्शन करेंगे।
