पीडब्ल्यूडी सचिव ने सड़कों और निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण, गुणवत्ता में लापरवाही पर जताई नाराजगी

सड़क की चौड़ाई, जीएसबी की मोटाई और लेवल की जांच के निर्देश; 15 से 20 दिनों में विश्राम गृह में सुधार कार्य पूरा करने को कहा
रायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने राजनांदगांव और डोंगरगांव क्षेत्र में सड़क, पुल, निर्माणाधीन शासकीय महाविद्यालय भवन और पुराने विश्राम गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में पहुंचकर कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क की चौड़ाई, ग्रेन्युलर सब-बेस (जीएसबी) की मोटाई, लेवल और रोड मार्किंग की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
सड़क और पुल निर्माण में गुणवत्ता पर जोर
सचिव बंसल ने राजनांदगांव-अंबागढ़ चौकी मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण कर सड़क की विभिन्न परतों, निर्धारित चौड़ाई और लेवल की जांच करने के निर्देश दिए। ग्राम पैरी नाला में निर्माणाधीन पुल की नींव, पिलर और कैप सहित अन्य संरचनात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जल निकासी की समुचित व्यवस्था और निर्धारित तकनीकी मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
ग्राम सुखरी से दीवानभेड़ी तक निर्माणाधीन सड़क का जायजा लेते हुए उन्होंने खुदाई, बेस निर्माण और अन्य कार्यों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों की वीडियोग्राफी और आवश्यक अभिलेखों का संधारण करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार काम कराने और तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने के निर्देश भी दिए।
पुराने विश्राम गृह का होगा कायाकल्प
डोंगरगांव स्थित पुराने विश्राम गृह का निरीक्षण करते हुए सचिव ने मुख्य भवन को लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। परिसर के अन्य उपयोगी भवनों की मरम्मत कर उन्हें कार्यालय और भंडारण कक्ष के रूप में उपयोग करने को कहा। जर्जर एवं अनुपयोगी संरचनाओं को हटाने, परिसर का समतलीकरण और साफ-सफाई कराने सहित जरूरी सुधार कार्य 15 से 20 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने इसके लिए उपलब्ध विभागीय मदों से राशि की व्यवस्था करने को कहा। इसके अलावा सड़क की स्थिति सुधारने, रोड मार्किंग और सेंटर लाइन बनाने तथा डिवाइडर की साफ-सफाई एवं रंग-रोगन कराने के निर्देश भी दिए।
महाविद्यालय की 10 एकड़ भूमि का होगा सीमांकन
डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम अर्जुनी में निर्माणाधीन नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन का निरीक्षण करते हुए सचिव ने लगभग 10 एकड़ भूमि का विधिवत सीमांकन कर चारों ओर सीमा-चिह्न के रूप में पिलर स्थापित करने को कहा। इसका उद्देश्य शासकीय भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखना है। उन्होंने भूमि और पहुंच मार्ग से संबंधित राजस्व अभिलेखों को भी अद्यतन कराने के निर्देश दिए।
दो मंजिला महाविद्यालय भवन में फ्लोरिंग, प्लास्टर और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए उन्होंने मुख्य प्रवेश द्वार और सड़क के स्तर में अंतर को ध्यान में रखकर सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए उपयुक्त रैम्प निर्माण की संभावनाएं तलाशने तथा वर्षा जल निकासी के लिए डाउन-पाइप की उचित व्यवस्था और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
सचिव बंसल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा किया जाए। उन्होंने नियमित निरीक्षण और निगरानी पर जोर देते हुए लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एन.के. जयंत, अधीक्षण अभियंता अपर्णा चौरपगार और कार्यपालन अभियंता रितु खरे सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
