मुख्यमंत्री निवास में गरबा महोत्सव की धूम, भक्ति और उल्लास के बीच नारी शक्ति का सम्मान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की मां दुर्गा की आराधना, कहा- महिला सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता
महतारी वंदन योजना से लगभग 68 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल, प्रदेश में 14 लाख लखपति दीदियां

रायपुर, अभिनव पहल। मुख्यमंत्री निवास में 16 अक्टूबर को नवरात्रि के अवसर पर गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में माताओं-बहनों, बेटियों और गुजराती समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति संगीत और गरबा की धुनों से मुख्यमंत्री निवास का परिसर भक्तिमय हो गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। उन्होंने सभी को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि शक्ति की आराधना, श्रद्धा, भक्ति और नारी सम्मान का महापर्व है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। यह पर्व महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचती है, जिससे उन्हें घरेलू आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार के खर्चों में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह महिलाओं के परिश्रम, क्षमता और आत्मविश्वास का प्रमाण है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित न रखकर उन्हें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाना है।
गरबा भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गरबा मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति है। गुजरात से निकली यह परंपरा आज देश-दुनिया में भारतीय संस्कृति की पहचान बन चुकी है। ऐसे आयोजन विभिन्न समाजों और संस्कृतियों के बीच आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के पर्व-त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवार और समाज को जोड़ने तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराने का माध्यम भी हैं। छत्तीसगढ़ में गरबा के प्रति बढ़ता उत्साह सांस्कृतिक विविधता में एकता की भावना को दर्शाता है।
देवी शक्तिपीठों के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है, जहां शक्ति आराधना की समृद्ध परंपरा रही है। बस्तर की मां दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी सहित अनेक देवी धाम प्रदेश की आस्था और सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख केंद्र हैं।
नवरात्रि के दौरान इन शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक भी हैं। राज्य सरकार धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
विकसित छत्तीसगढ़ में गुजराती समाज की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने गुजराती समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस समाज ने उद्यमशीलता, परिश्रम, सेवा और सामाजिक एकता के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़ में भी गुजराती समाज व्यापार, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों के जरिए प्रदेश की प्रगति में योगदान दे रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान विभिन्न समाजों और संस्कृतियों को आत्मीयता से अपनाने की रही है। गुजराती समाज ने प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बनाकर यहां की सामाजिक और सांस्कृतिक यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई है। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने में समाज की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि हमें शक्ति, सकारात्मकता और सामूहिकता का संदेश देती है। मां दुर्गा के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति करे और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आए, यही कामना है।
जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य नागरिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित विभिन्न आयोगों और मंडलों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष उपस्थित रहे।
इसके अलावा सर्व गुजराती समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतेश गांधी, पूर्व विधायक एवं एनआर गुजराती एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष देवजी पटेल, गुजराती स्कूल के अध्यक्ष जयंती पटेल सहित मितुल कोठारी, नितिन डोलकिया, महेंद्र कोडियार, बाबू भाई पटेल, अशोक पटेल, मुकेश शाह, गौरंग काचा, कीर्ति व्यास, राजेंद्र फौजदार तथा गुजराती समाज के गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।



