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18 साल बाद फिर सजे स्कूल की कक्षा, 2008 बैच के छात्रों ने मनाया रियूनियन

गुरुजनों का किया सम्मान, छात्र जीवन की यादें हुईं ताजा; 40 से अधिक पूर्व छात्रों ने लिया हिस्सा

पांडातराई। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पांडातराई में वर्ष 2008 में कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्रों ने 18 साल बाद 13 सितंबर 2026 को तीज पर्व के अवसर पर अनूठा रियूनियन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुराने छात्र जीवन की यादों को ताजा करना, सहपाठियों से दोबारा मिलना और उन गुरुजनों का सम्मान करना था, जिन्होंने छात्र जीवन में उन्हें शिक्षा और संस्कार देकर आगे बढ़ने की राह दिखाई।

कार्यक्रम के लिए छात्रों ने उसी विद्यालय के प्रांगण को चुना, जहां उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष पढ़ाई करते हुए बिताए थे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले सभी पूर्व छात्रों ने छात्र जीवन की पुरानी यादों को ताजा करते हुए प्रार्थना सभा की। इस दौरान राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया और छात्रों ने सुविचार भी व्यक्त किए।

कार्यक्रम में वर्ष 2008 में छात्रों को पढ़ाने वाले शिक्षक आर.के. साहू, जो वर्तमान में इसी विद्यालय के प्राचार्य हैं, शिक्षक आर.पी.एस. पैकरा तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुशील गुप्ता अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद पूर्व छात्रों ने अतिथि शिक्षकों का गुलाल लगाकर स्वागत किया।

सबसे खास पल तब रहा, जब 18 साल बाद पूर्व छात्र फिर से विद्यार्थी बनकर कक्षा में बैठे। इस दौरान सभी ने अपने छात्र जीवन की यादों को साझा किया और बताया कि 2008 के बाद उनके जीवन में क्या बदलाव आए। छात्रों ने एक-एक कर अपना परिचय देते हुए बताया कि वर्तमान में वे कहां रह रहे हैं और किस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।

पूर्व छात्रों ने अपने गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुओं और माता-पिता ने जिस पौधे को शिक्षा, ज्ञान और संस्कार देकर तैयार किया था, वह आज एक पेड़ बनकर अपनी शाखाएं फैला रहा है। इसी बैच के कई विद्यार्थी आज शिक्षक, इंजीनियर, पुलिसकर्मी, पत्रकार और व्यवसायी बनकर समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वे जिस भी मुकाम पर हैं, उसमें उनके माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद और संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

शिक्षकों ने कहा- ऊंचाइयों पर पहुंचकर भी जमीन से जुड़े रहना जरूरी

कार्यक्रम में प्राचार्य आर.के. साहू और शिक्षक आर.पी.एस. पैकरा ने पूर्व छात्रों के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि 18 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी छात्रों ने अपने शिक्षकों को याद किया और सम्मान देने के लिए विद्यालय लौटे, यह अपने आप में भावुक और सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इंसान जीवन में कितनी भी ऊंचाइयों पर पहुंच जाए, लेकिन उसके पैर हमेशा जमीन पर होने चाहिए। पूर्व छात्रों ने अपने व्यवहार और गुरुजनों के प्रति सम्मान के माध्यम से इसे साबित किया है।

कार्यक्रम का संचालन हितेश केशरवानी और भागवत साहू ने किया। कार्यक्रम के अंत में 2008 बैच के छात्रों ने अपने गुरुजनों को शाल, श्रीफल, मोमेंटो और पौधे भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान लंबे अंतराल के बाद एक साथ मिले सहपाठियों ने पुरानी यादें साझा कीं और कार्यक्रम को यादगार बनाया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मोनिका तिवारी, विनोद चंद्रवंशी, सतीश पात्रे, नितिन गुप्ता, हितेश केशरवानी, भागवत साहू, भूपेंद्र जायसवाल, रामचंद्र चंद्रवंशी, पवन यादव, रमेश साहू, श्रीकांत पाठक, मनोज गुप्ता, सुमीत गुप्ता, विनोद जायसवाल, सुरेश चंद्रवंशी, रामलोचन जायसवाल, रामकिशुन साहू, श्रीराम यादव, तेजस्वी चंद्रवंशी, रघुनाथ चंद्रवंशी, राजकुमार देवांगन, विनायक गुप्ता, रमेश चंद्रवंशी, नरेंद्र यादव, योगेश जायसवाल, संजय श्रीवास, तुकाराम साहू, अन्नपूर्णा साहू, बबली साहू, कौशिल्या चंद्रवंशी, सविता चंद्रवंशी, शिवकुमारी चंद्रवंशी, रजनी चंद्रवंशी, रानी सोनी, निलीमा मानिकपुरी सहित 40 से अधिक पूर्व छात्र उपस्थित रहे।

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