कबीरधाम के बम्हनी धान खरीदी केंद्र में 77 लाख रुपये के कथित घोटाले का मामला, तीन पर अपराध दर्ज

धान खरीदी में बड़ा खेल : कागजी खरीदी, लापता बारदाने , रिसायकलिंग और गायब स्टॉक ने खोली कबीरधाम के कथित घोटाले की पोल
कबीरधाम जिले के बम्हनी धान खरीदी केंद्र में करीब 77 लाख रुपये के कथित धान घोटाले का मामला सामने आया है। प्रथम सूचना रिपोर्ट में


प्रार्थी शाखा प्रबंधक जिला सहकारी सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव शाखा रेंगाखार कला जिला कबीरधाम के अमित चंदेल पिता स्व0 ए.डी. चंदेल उम्र 37 साल ने आज दिनांक 18.06.2026 को थाना आकर शिकायत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया। शिकायत मजमून मे संयुक्त जांच दल के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 मे धान उपार्जन केन्द्र बम्हनी (समनापुर) मे दिनांक 15/11/2025 से 06/02/2026 के मध्य कुल 55,220.40 क्विटल धान जिसमें मोटा धान 51, 511.60 क्विटल एवं पतला 3,708.80 क्विंटल खरीदी किया गया जिसमे मिल को जारी कुल धान 34,903.32 क्विंटल एवं संग्रहण केन्द्र को जारी धान 17,930.56 क्विंटल खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के संयुक्त दल द्वारा दिनांक 12/06/2026 को धान उपार्जन केन्द्र बम्हनी (समनापुर) विकासखण्ड बोडला की जांच में खरीदी पंजी में अंतिम खरीदी उपरांत क्लोजिंग रिपोर्ट में समिति प्रबंधक एवं संबंधित नोडल अधिकारी द्वारा हस्ताक्षारित नही पाया गया। जांच दल द्वारा समिति मडयूल के ऑनलाइन रिपोर्ट जांच दिनांक 12.06.2026 के अनुसार उपार्जन केन्द्र के शेष स्टक के विरूद्ध भौतिक सत्यापन में कुल 2,386.52 क्विंटल धान (मोटा धान 22,05.62 क्विंटल एवं पतला 180.90 क्विंटल) की कमी पायी गयी। जिसकी कुल राशि 73,98,212 रूपये तथा शेष उपयोग विहिन बारदाना के विरूद्ध भौतिक सत्यापन में कुल 8554 नग बारदाना की कमी पायी गयी जिसकी कुल राशि 3,27,793 रूपये होती है। धान उपार्जन केन्द्र बम्हनी (समनापुर) में कमी पाये गए धान एवं बारदाना की कुल राशि 77,26,005 रूपये कुल आर्थिक क्षति हुई है। दिनांक 15/11/2025 से 06/02/2026 तक धान उपार्जन केन्द्र बम्हनी (समनापुर) के खरीदी प्रभारी मत्तुलाल झारिया, समिति प्रबंधक अनिल कुमार चन्द्राकर एवं तत्कालीन कम्प्युटर ऑपरेटर छन्नूराम साहू पदस्थ थे एवं संयुक्त जांच दल के द्वारा दिनांक 12.06.2026 को धान उपार्जन केन्द्र बम्हनी (समनापुर ) का जांच कर जांच प्रतिवेदन कलेक्टर खाद्य शाखा को प्रस्तुत किया। इस प्रकार धान उपार्जन केन्द बम्हनी (समनापुर) के खरीदी प्रभारी मत्तुलाल झारिया, समिति प्रबंधक अनिल कुमार चन्द्राकर एवं तत्कालीन कम्प्युटर ऑपरेटर छन्नूराम साहू द्वारा शासन को कुल राशि 77,26,005 रूपये की आर्थिक हानि पहुंचाकर धोखाधड़ी करते हुये अमानत में खयानत करना पाये जाने से अपराध धारा सदर 316(5). 318(4), 3(5) बीएनएस का अपराध घटित करना पाया गया है प्राप्त आवेदन नकल जैल है कार्यालय जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव शाखा रेंगाखार कला कबीरधाम (छ0ग0) क्रमांक/सीसीबी/धान खरीदी/2026/ रेंगाखार दिनांक 18/06/2026 प्रति श्रीमान थाना प्रभारी थाना-रेंगाखार (जंगल) जिला- कबीरधाम (छ0ग0) विषय:- धान उपार्जन केन्द्र बम्हनी (समनापुर) मे 2386.52 क्विंटल धान की अनियमितता पाए जाने पर वसूली एवं अभियोजन के संबंध मे धान उपार्जन केन्द्र प्रभारी एवं दो अन्य के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करने FIR में लिखा गया है ।
सचिव के आदेश भी बेअसर
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव ने धान स्कंध में कमी पाए जाने पर कड़े निर्देश जारी किए थे। नियमों के अनुसार 2 प्रतिशत से अधिक कमी मिलने पर तत्काल निलंबन, विभागीय जांच और एफआईआर अनिवार्य है। इसके बावजूद कबीरधाम जिले में हजारों क्विंटल धान की कमी सामने आने के बाद भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई नहीं होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है। जब नियम स्पष्ट हैं, जांच रिपोर्ट मौजूद है और नुकसान करोड़ों रुपए में है तब जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही ।
कबीरधाम में 58 हजार क्विंटल से अधिक धान गायब, अधिकारियों की मिलीभगत से घोटाले को संरक्षण – आकाश केशरवानी
युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी ने जिले की धान खरीदी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता और अधिकारियों की सांठगांठ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मार्कफेड की साइट रिपोर्ट के अनुसार 20 जून तक कबीरधाम जिले में कुल 58,443 क्विंटल धान गायब दर्ज है।आकाश केशरवानी ने बताया कि विभिन्न उपार्जन केंद्रों में धान की भारी कमी सामने आई है। इनमें सूरजपुरा में 2,144 क्विंटल, कामठी में 3,346 क्विंटल, उसरवाही में 2,373 क्विंटल, समनापुर में 1,530 क्विंटल, बोदा (तरेगांव) में 1,634 क्विंटल, रक्से में 1,220 क्विंटल तथा जुनवानी में 1,108 क्विंटल धान गायब पाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, जिला विपणन संघ तथा जिला नोडल अधिकारी शेष उपार्जन केंद्रों को अभयदान देकर पूरे मामले पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कमीशनखोरी और संरक्षण की वजह से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
शार्टेज शून्य नहीं, तो इंसेंटिव पर पड़ेगा असर
धान उपार्जन खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की नीति के अनुसार केवल उन्हीं समितियों को प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) प्रदान की जाएगी, जिनमें धान शार्टेज की मात्रा शून्य (निरंक) हो। इसके साथ ही समिति में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई जानी चाहिए तथा शासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाना आवश्यक है। नीति के तहत यदि किसी समिति में धान की कमी (शार्टेज) दर्ज होती है या अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो उसकी प्रोत्साहन राशि प्रभावित हो सकती है। ऐसे में शार्टेज और अनियमितताओं के मामलों का सीधा असर समितियों को मिलने वाले इंसेंटिव पर पड़ेगा।


