नोवा पॉवर प्लांट दगोरी में लगातार हो रहे हादसों के खिलाफ छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का कड़ा रुख — प्लांट घेराव का ऐलान, FIR और सख्त कार्रवाई की मांग

बिलासपुर। बिल्हा ब्लॉक के ग्राम दगोरी में संचालित नोवा पॉवर प्लांट में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और हाल ही में हुए गंभीर हादसे में मजदूरों के झुलसने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि प्लांट प्रबंधन की लापरवाही, सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी और कानूनों के उल्लंघन का लगातार परिणाम है।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
संगठन ने आरोप लगाया है कि नोवा पॉवर प्लांट प्रबंधन द्वारा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 (Environment Protection Act, 1986), औद्योगिक सुरक्षा मानकों एवं श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जिसके कारण बार-बार गंभीर हादसे हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने मांग की है कि इस पूरे मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत, विशेष रूप से लापरवाही से जान जोखिम में डालने और गंभीर चोट पहुंचाने जैसे अपराधों में, प्लांट प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए।
संगठन ने यह भी मांग की है कि—
पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक/प्रशासनिक जांच कराई जाए।
हादसे में घायल मजदूरों को उत्तम चिकित्सा सुविधा और न्यूनतम नहीं बल्कि सम्मानजनक एवं पर्याप्त मुआवजा प्रदान किया जाए।
प्लांट में सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने तक संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला संयोजक अनिल कुमार पाली ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र एवं ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संगठन द्वारा नोवा पॉवर प्लांट का घेराव कर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और प्लांट प्रबंधन की होगी।
मजदूरों के जीवन के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना मजदूरों के हक, सुरक्षा और न्याय के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है।


