धमधा में अवैध क्लीनिकों का जाल, कार्रवाई के दावे बेअसर

धमधा | करण ताम्रकार
दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में अवैध क्लीनिकों का नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिना वैध डिग्री और पंजीयन के कई कथित डॉक्टर खुलेआम मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कई जगहों पर अपने घरों को ही क्लीनिक और छोटे अस्पताल के रूप में संचालित किया जा रहा है, जहां गंभीर बीमारियों के मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।
प्रशासन द्वारा समय-समय पर कार्रवाई के दावे किए जाते हैं और जांच समितियों का गठन भी किया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद न तो अवैध क्लीनिकों पर ठोस कार्रवाई हो रही है और न ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, कई क्लीनिक संचालक मरीजों को कमीशन के आधार पर बड़े निजी अस्पतालों में रेफर करते हैं। वहां इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है, जिससे गरीब और ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।
ग्राम ठेंगाभाठा में गलत इलाज के चलते एक महिला की मौत और आरोपी कथित डॉक्टर के फरार होने की घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
क्षेत्र के लोगों में इस पूरे मामले को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन अवैध क्लीनिकों पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।



