जनगणना 2027: 01 से 30 मई तक होगी मकानों की गणना

गंभीरता एवं सजगता के साथ जनगणना प्रशिक्षण करें पूर्ण-कलेक्टर गोपाल वर्मा
कबीरधाम जिले में जनगणना के लिए तैयारियां प्रारंभ, पहले चरण का प्रशिक्षण सत्र आयोजित
कवर्धा, 27 फरवरी 2026। भारत सरकार के दिशा-निर्देशनुसार राज्य के साथ-साथ कबीरधाम जिला में जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। इसी क्रम में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यालय के सभाकक्ष में प्रारंभ हुआ, जिसमें जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विधिवत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस शुक्रवार को कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री गोपाल वर्मा की उपस्थिति में जनगणना निदेशालय, रायपुर से मास्टर ट्रेनर्स श्री कविंद्र कुमार रंगारी एवं श्री आशीष मिश्रा द्वारा प्रशिक्षण सत्र संचालित किया गया। प्रशिक्षण में जिला जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी तथा जनगणना कार्य में संलग्न सहायक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों को गंभीरता एवं सजगता के साथ प्रशिक्षण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षकों से आग्रह किया कि प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों से सवाल, जवाब भी किया जाए, ताकि विषय की स्पष्ट एवं व्यावहारिक समझ विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े शासन की नीतियों, योजनाओं एवं विकास कार्यों की आधारशिला सिद्ध होते हैं। प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर विनय पोयाम, नरेन्द्र पैकरा, पंडरिया एसडीएम संदीप ठाकुर, बोड़ला सागर राज सिंह, सहसपुर लोहारा शिल्पा देवांगन सहित अधिकारी उपस्थित थे।
प्रशिक्षकों द्वारा जनगणना कार्य के उद्देश्य, महत्व एवं व्यापकता पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण में जनगणना की रूपरेखा, कार्य संपादन की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं तथा संबंधित प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना की दृष्टि से भवन, मकान एवं परिवार की परिभाषा क्या है तथा उनकी गणना किस प्रकार की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रपत्रों की प्रविष्टि, आंकड़ों की शुद्धता, तथा समयबद्ध कार्य निष्पादन पर विशेष बल दिया गया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1872 से भारत में नियमित रूप से जनगणना कराई जा रही है, किंतु वर्ष 2027 की जनगणना पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आंकड़ों का संकलन, संधारण एवं विश्लेषण किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी होगी। जिले में जनगणना के प्रथम चरण अंतर्गत 01 मई से 30 मई 2026 तक समस्त ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मकानों की गणना का कार्य संपादित किया जाएगा। इसके उपरांत मुख्य जनगणना का कार्य फरवरी 2027 में संपन्न कराया जाएगा। शनिवार को प्रशिक्षण का प्रायोगिक सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिकारियों को डिजिटल उपकरणों एवं सॉफ्टवेयर के उपयोग का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा।



