सरदार वल्लभभाई पटेल शक्कर कारखाना पंडरिया में किसानों का 44 करोड़ बकाया

पंडरिया : गन्ने का बकाया भुगतान नहीं,किसान परेशान,किसानों में आक्रोश।
किसानों ने कहा जल्द ही केंद्र सरकार को देंगे ज्ञापन मांगेंगे अपना अधिकार अन्यथा होगा उग्र आंदोलन

पंडरिया। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना के शेयर धारी किसानों द्वारा बीते दिनों अपने बेचे गए फसल गन्ने की शेष भुकतान की राशि जो विगत पाँच माह बीत जाने के बाद भी लंबित है इस विषय को लेकर पंडरिया कारखाना प्रबन्धन को ज्ञापन सौपा है।
किसानों के उक्त मांग पर कारखाना प्रबन्धन ने स्टॉक में रखे सुगर बेच कर भुकतान की करने की बात कही है
गौरतलब है कि पंडरिया कारखाने में क्षेत्रीय किसानों ने अपना गन्ना पांच माह पूर्व बेचा हैं वही कारखाने के नियमो के अनुसार एफ.आर.पी.दर पर 44 करोड़ का भुगतान महीनों से अप्राप्त हैं। जिससे किसानों के सामने घोर आर्थिक समस्या आन पड़ी है। किसानों की इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र में अलग अलग धारणाएं राजनीतिक सुविधा के अनुसार चल रही हैं और अपनी अपनी सुविधा के अनुसार किसानों को अवगत कराया जा रहा हैं।

ज्ञात हो कि सुसायटी नियमो के अनुसार कारखाने में गन्ने का दर एवम् शक्कर का दर के साथ ही बेचने का परमिशन केंद्र सरकार तय करती हैं। 5 या 6 माह में बनाया गया शक्कर अनुपातिक रूप से 12 माह में बांटकर प्रति माह ओपन सेल कोटा भारत सरकार से जारी होता हैं उतना ही शक्कर देश के सभी कारखाने द्वारा उस माह बेचा जा सकता हैं।
वही पंडरिया सुगर सुसाइटी/कारखाने में भुकतान को लेकर हो रही लेट लतीफी पर किसानों का कहना हैं कि हम अपना फ़सल महीनों पहले बेच चुके हैं तो हम इतना विलंब सहन क्यो करेंगे मामला केंद्र सरकार का हो या राज्य सरकार का हमे समय पर पैसा चाहिए। सरकार कारखाना किसानों के हित में बनाई है या किसानों को परेशान करने के लिए दुनियाभर का नियम लगारखी हैं। हमे नियम से मतलब नहीं हैं।अगर नियम केंद्र का हैं तो हम प्रधान मंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंप कर हम किसानों की शेष भुगतान जल्द से जल्द करने के लिए अपनी बात रखेंगे। अगर भूगतान जल्द नहीं हुआ तो चाहे कोई भी सरकार हो हम आंदोलन को विवश हो जायेंगे।

वर्तमान पेराई सत्र लगभग 7200 किसानों से लगभग 3 लाख मिट्रिक टन गन्ना खरीदा गया हैं जिससे 38700 मिट्रिक टन शक्कर बना हैं। किसानों का एफ.आर.पी.दर पर 81करोड़ का भूगतान होना था जिसके विरुद्ध अब तक 36.5 करोड़ का भूगतान हो चुका हैं परन्तु अभी भी एक बडी राशि 44 करोड़ का भूगतान शेष हैं। करखाने में लगभग 80 करोड़ का शक्कर रखा हुआ हैं पर बिक्री की अनुमति नही।क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि सरकार कारखाना प्रबन्धन को त्वरित आदेश दे और उन्हें उनका हक का भुकतान प्रदान करें। अन्यथा वे आंदोलन को विवश हो जाएंगे।