ChhattisgarhRajnandgaon

लेखापाल कुलदीप झा एवं सी एम ओ नगरपालिका सीमा बक्सी द्वारा लाखों रुपये का रिश्वत लेकर पदोन्नति किये जाने का मामला हो रहा उजागर ।

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राजनांदगांव / खैरागढ़ 16 सितम्बर 2020 :- हाल ही के कुछ महीनों से नगरपालिका खैरागढ़ पर जल आवर्धन पर लाखों रुपये के भ्रस्टाचार का आरोप नगर पालिका के ही उपाध्यक्ष ने लगाया था जिसकी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं प्रिंट अखबारों ने प्रमुखता से ख़बर प्रकाशन की थी । वहीं इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने भी विधान सभा सत्र में इस मामले पर ध्यानाकर्षण करवाया था जिसकी गूंज छत्तीसगढ़ के विधानसभा तक में गूंजी थी । जिसे पूरा प्रदेश ने देखा , सुना और पड़ा था । यह मामला शांत हुवा नहीं था कि अब उक्त पालिका पर एक और आरोप लग रहे हैं , जी हां , आपको बता दें की उक्त पालिका में कार्यरत लेखापाल कुलदीप झा ने भृत्य पीयूष चन्द्रयदु से ग्रेड 3 ( क्लर्क )के पद पर पदोन्नत करने हेतु दुर्ग के चयन समिति में अपना तगड़ा सेटिंग का जाल फेंक कर इनसे एक लाख रुपये की रिश्वत माँग ली , जिस पर उक्त भृत्य यदु ने झा को एक लाख रुपये इस शर्त पर दे दी थी की ताकि इन्हें भृत्य से क्लर्क के पद पर ही पदोन्नत किया जा सके । परन्तु इन्हें सहायक राजस्व निरीक्षक का पद पदोन्नत कर थमा दिया गया ।
खैर नगरपालिका खैरागढ़ जो आज कल अपने अच्छे कार्यों के लिये नहीं बल्कि भ्रष्ट आचरण एवं आर्थिक अनियमितता के लिए शुमारी लिए बैठा है। जो इनके लिए अब कोई नई बात नहीं है ।

कहते हैं बेवज उंगली नहीं उठती कहीं न कहीं मामला गड़बड़ होता है तभी आरोप लगते हैं । हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के एकमात्र ऐसे तहसील की जो पूरे एशिया में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के नाम से प्रसिद्ध है जहाँ पर देश एवं विदेश से युवा वर्ग अध्ययन करने यहाँ पर आते हैं ।
नगर पालिका के लेखापाल कुलदीप झा ने कर्मचारियों से लाखों रुपये लेकर उन्हें पदोन्नति का वादा किया था और अपने किये हुए वादे को निभाया भी , पर एक कर्मचारी को उनके मन मुताबिक पदोन्नति करने में वह असफल हो गए । जो अब उनके गले की हड्डी बनते नजर आ रही है । अपने साथ पदोन्नती में हुए अन्याय से असंतुष्ट कर्मचारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए पालिका के कुछ जिम्मेदार लोंगों से बात की , जैसे मनराखन देवांगन सभापति नगरपालिका , पी आई सी के बैठक में अनुपस्थित रहे भाजपा पार्टी के नगरपालिका उपाध्यक्ष रामाधार रजक , जहाँ पर पदोन्नति में हुए घोटाले का सभी राज अपने मुंह से उगल डाली जो शहर में अब आग की तरह धीरे धीरे फैल रही है । मामले की जानकारी मीडिया को भी लगी जिसकी सच्चाई जानने मीडिया ने अपने विवेक से पड़ताल कर सबूत इक्कठा करना प्रारंभ कर दिया तथा पीयूषचन्द्र यदु नाम के कर्मचारी को मोबाइल से मामले की हकीकत पूछी गयी। जहां पर उन्होंने फोन पर लेखापाल कुलदीप झा एवं सी एम ओ सीमा बक्सी को इस पदोन्नति के रिस्वत कांड का अहम भूमिका निभाने वाला किरदार बताया और साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उसने एक लाख रुपये सहायक ग्रेड 3 में पदोन्नति हेतु दिया है किंतु उनकी पदोन्नति सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर कर कर दी गयी जिससे वह असंतुष्ट हैं एवं इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आपत्ति दर्ज कराई है । हमने इस मामले पर और भी बात की जिस पर उन्होंने बताया की उन्हें 17 से 18 अगस्त तक के गुमराह करके रखा गया था कि उन्हें क्लर्क के पद पर पदोन्नत किया जा रहा है यहां तक के पी आई सी के बैठक होने के पूर्व तक के भी उन्हें भरोसा दिलाया गया था , पर जब पदोन्नत की सूची जारी हुई तो सूची में उन्हें सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नत कर दिया गया जिसे देख कर इनका चेहरा मुरझा सा गया । जिसका यदु जी ने कुलदीप झा को विरोध दर्ज करवाते हुए। पैसे वापस करने की मांग की जिस पर झा के द्वारा वापस करने की बात कही जा रही है । भृत्य ने कहा है कि मैंने दिया है उसने लिया है और यह सच है । एक लाख रुपये का रिश्वत लेकर भी बाबू नहीं बनाने पर भृत्य कर्मि ने मीडिया को बताया कि वह अपने भाई रिंकू से इस मसले पर और सलाह लेगा की आगे इस पर क्या करना है। हमने पूरी जांच पड़ताल , कर सारी बातें खबर प्रकाशन हेतु रिकॉर्ड कर ली जो सबूत के तौर पर भविष्य में अधिकारियों के जांच में एवं खबर के प्रकाशन में सहायक होगी।

◼️ नगरपालिका उपाध्यक्ष खैरागढ़ रामाधार रजक (भाजपा) :-

उपाध्यक्ष ने उक्त मामले को जिला कलेक्टर से शिकायत करने की बात कही है । उन्होंने बताया कि जल आवर्धन में हुए हाल ही में भ्रस्टाचार की उन्होंने उच्च स्तर पर शिकायत की थी जिसकी जांच हेतु आज दिनाँक 31 अगस्त को जिला कलेक्टर राजनांदगांव द्वारा गठित जांच टीम की जानकारी मुझे उक्त जिला कार्यालय से पत्र के माध्यम से प्राप्त हुई है । जिसमें आगे जांच होने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। ये मामला अभी गरम ही था कि अब एक और नया भ्रष्टाचार का मामला नगर पालिका खैरागढ़ का प्रकाश में आया है । जिसमें पालिका में पदस्थ एक भृत्य का पत्रकार के साथ हुई बात चीत का ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें भृत्य ने पत्रकार से फोन पर बात करते हुए जानकारी देते हुए स्वीकार किया है कि उसने पालिका के लेखापाल कुलदीप झा को पदोन्नति हेतु एक लाख रुपये की रिश्वत दी है जिस बात को वो ऑडियो में बेहिचक कुबूल कर रहा है। लाख रुपये देने के बाउजूद भृत्य कर्मी का पदोन्नति संतुष्टि पूर्ण नहीं हुवा है । जिस पर उसने संबंधित लेखापाल को फोन लगाकर पैसे वापस करने की बात को भी बता रहा है । नियमतः यह गलत है इनके द्वारा खुलेआम भ्रस्टाचार किया गया है । जो आपके साथ बात किये आडियो से पता चल रहा है । मैं भांडेकर जी आपको धन्यवाद देता हूँ कि हमारे खैरगढ़ में आपके जैसे खोजी एवं प्रतिभा के धनी पत्रकार हैं जो अन्याय एवं भ्रस्टाचार के विरुद्ध निरंतर लेख लिख रहे हैं । आपको इसकी जानकारी मिलते ही आपने अपने स्तर पर जांच पड़ताल कर इस मामले को नगर की जनता के सामने उजागर किया है निश्चित तौर पर आपका कार्य काबिले तारीफ है । हम इस मामले पर बहुत ही गंभीर है , मैं एवं मेरी पार्टी इस मामले पर अतिशिघ्र जानकारी लेकर जिला स्तर के उच्च अधिकारियों से जांच कर नियम विपरीत पदोन्नत हुए कर्मियों का निरस्तीकरण कर नियमतः पुनः पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करवाएंगे। पूरे मामले में लिप्त दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही भी करवाएंगे।

◼️जांच में होंगे कई बेनकाब , कई राज के होंगे खुलासे :-

दरअसल पूरा मामला अब राजनीतिक हो गया है जिसका विपक्ष खुलकर विरोध करने की तैयारी में है एवं इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करवाने की तैयारी की जा रही है । बहरहाल उक्त मामले की अगर गहराई से जांच कर अन्य कर्मिर्यो से भी पूछताछ की जाती है तो कुछ और भी खुलासा होने की आशंका है । जिसमें ये तो स्प्ष्ट अवश्य हो जाएगा कि कहीं अन्य तीन लोग भी रिश्वत का शिकार तो नहीं हुए हैं। यह मामला सामने आने के बाद अब नगर के लोगों द्वारा ऐसा क्यास लगया जा रहा है कि हो सकता है अन्य तीन कर्मचारी भी यदु जी की तरह पद के लालच में लाखों रुपये कुलदीप झा को दिए होंगे जो अब जांच होने पर ही पता चलेगा । इनके तार कहाँ तक जुड़े हैं एवं इनके मुखिया कौन हैं।


◼️कुलदीप झा (लेखापाल नगरपालिका खैरागढ़ ) :-

हालांकि लेखा पाल कुलदीप झा ने उक्त आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन पर लगे उक्त आरोप को निराधार बताया है जो इस ऑडियों में बात चीत के दौरान पीयूष चन्द्र यदु (भृत्य ) द्वारा लगाया गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें जो दायित्व दिया गया था उसे बखूबी उनके द्वारा पूरी निष्ठा एवं कर्तव्यता से निभाया गया है ।

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