मस्तिष्क, भावना और कर्म का बेहतर समन्वय ही सफलता की कुंजी है-शिक्षा अधिकारी

मस्तिष्क, भावना और कर्म का बेहतर समन्वय ही सफलता की कुंजी है-शिक्षा अधिकारी राकेश पाण्डेय

कवर्धा। कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा एवं अध्यक्ष आस्था समिति श्री दौलत राम कश्यप के मार्गदर्शन और निर्देशानुसार 24 नवंबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव, थाना पांडातराई विकासखंड पंडरिया में ओपन हॉउस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार मंत्रालय महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड लाईन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से आस्था समिति क्रियान्वित चाईल्ड लाईन 1098 परियोजना के द्वारा ओपन हॉउस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री राकेश पाण्डेय निरीक्षक प्रभारी महिला सेल श्रीमती रमा कोष्ठी, वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती मंजीत कौर एवं स्काउट-गाइड रेंजर प्रमुख दुर्ग, श्री गजपति राम चंद्रवंशी अध्यक्ष शाला प्रबंधन एवं विकास समिति, श्री श्रवण चंद्रवंशी सचिव ग्राम पंचायत, श्री दिलदार खान सरपंच ग्राम पंचायत, श्री विष्णु चंद्रवंशी पूर्व अध्यक्ष शाला प्रबंधन एवं विकास समिति, श्री जी पी बनर्जी खण्ड शिक्षा अधिकारी, श्री जाकिर खान एल ई सी, श्री के एस चांदसे प्राचार्य, श्री नेतराम चंद्रवंशी एल ई सी, श्री चंद्रकांत केन्द्र समन्वयक चाइल्ड लाईन, तबस्सुम खान टीम मेम्बर चाईल्ड लाईन, श्री सालिक राम बांधवे पैरालीगल वॉलेंटियर, पांडातराई थाना के प्रतिनिधि सउनि धुर्वे और उसके सहयोगी आरक्षक अन्य विद्यालय के प्राचार्य, प्रधान पाठक एवं शिक्षक के साथ बच्चे उपस्थित थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी श्री राकेश पाण्डेय ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि तीन एच का समन्वय सफल होने के लिए अनिवार्य है। प्रथम एच-मतलब हेड अर्थात मस्तिष्क, दूसरा एच-मतलब हार्ट अर्थात भावना और तीसरा एच-मतलब हैण्ड अर्थात कर्म। उन्होंने कहा कि मस्तिष्क, भावना और कर्म का बेहतर समन्वय ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने बच्चों को जीवन में सफल होने के लिए अपने बचपन के अनुभवों को भी साझा किये। बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं, अन्य जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तैयारी करने का फार्मूला सिखाया, कलम का उपयोग, अपने सहेलियों, दोस्तों के साथ मिलकर प्रश्नों को हल करने की नई तरकीबें सिखाया। उन्होंने उदाहरण एवं कहानियों से बच्चों को प्रेरित किया। बच्चों से मिलकर जिला शिक्षा अधिकारी भावुक एवं प्रफुल्लित हो गए उन्होंने बच्चों को स्वरचित कविता भी सुनाया। जिससे बच्चे अत्यंत प्रभावित एवं आनंदित हो गए।
निरीक्षक प्रभारी महिला सेल श्रीमती रमा कोष्ठी के द्वारा बच्चों को विस्तारपूर्वक गुड टच एवं बेड टच की जानकारी, बाल अपराधों, साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी, बाल विवाह एवं बाल श्रम रोकथाम की जानकारी दी। बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के विभिन्न प्रावधानों के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान श्री चंद्रकांत केन्द्र समन्वयक चाइल्ड लाईन 1098 ने कहा की बच्चों की सुरक्षा हम सब की जिम्मेदारी के उद्देश्य हेतु चाइल्ड लाईन द्वारा बच्चों के साथ ओपन हॉउस कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। कोविड-19 के कारण यह गतिविधि स्थगित था। शासन प्रशासन के दिशा निर्देश अनुसार प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि चाईल्ड लाईन 1098 एक राष्ट्रीय इमरजेंसी निःशुल्क फोन एवं आउटरीच सेवा है। ऐसे बच्चों के लिए जिन्हें देखभाल एवं संरक्षण की जरूरत है। कार्यक्रम में बच्चों के द्वारा रंगोली, चित्रकला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। बच्चों को प्रतिक चिन्ह एवं पुरुस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।