
वीरेंद्र ने पुआल की गांठ बनाने वाली एक मशीन खरीदी। इसमें उन्हें सरकारी सहायता भी प्राप्त हुई। इस मशीन से उन्होंने पराली के गठ्ठे बनाने शुरू कर दिए।
वीरेंद्र ने पुआल की गांठ बनाने वाली एक मशीन खरीदी। इसमें उन्हें सरकारी सहायता भी प्राप्त हुई। इस मशीन से उन्होंने पराली के गठ्ठे बनाने शुरू कर दिए।
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