केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों का विरोध :नवीन श्रीवास्तव


28 सितंबर रायपुर।उपभोक्ता संगठन के अध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों का विरोध करते हुए कहा है कि सड़क से संसद तक जिस बिल का विरोध हो रहा है उसे पारित करने में जहां एक और सरकार ने बहुत हड़बड़ी की वहीं दूसरी ओर बिल पास करने से किसानों में डर है कि यह पूरीकोशिश न्यूनतम समर्थन मूल्य को खत्म करने के लिए है
किसानी सब्सिडी का व्यापार है जिससे लोगों को सस्ता अनाज मिले और किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिले खुले बाजार में किसान को सब्सिडी कौन देगा बिल पास होने से पूरे देश में असंतोष फैल चुका है हमारे यहां 80 % किसान हैं और क्या वह बड़े निजी घरानों से कैसे मोलभाव करेंगे वह कैसे उनकी कीमत के लिए दबाव बनाएंगे
अगर सरकार को इसे लागू ही करना था तो किसी एक भाजपा शासित राज्य से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उनके परिणामों का आकलन करने के बाद पूरे देश में लागू करते
इस कानून से कृषि क्षेत्र में कंपनी राज को सरकार स्थापित कर रही है इस बिल में एमएसपी की गारंटी क्यों नहीं दी गई कानूनी रूप से एमएसपी सभी के लिए लागू करें ,इस कानून से मंडी शुल्क के रूप में राज्य को मिलने वाला राजस्व ही बंद हो जाएगा कहीं ना कहीं इस कानून से किसान बड़े व्यापारी और कारपोरेट घरानों के चंगुल में किसान फंस जाएंगे और किसानों की जमीन बड़े व्यापारियों के पास गिरवी हो जाएगी केंद्र सरकार को चाहिए कि वह छत्तीसगढ़ सरकार की तर्ज पर किसान परिवारों के संरक्षण और समग्र विकास के लिए कार्य करें पूरे देश के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में दिए जा रहे समर्थन मूल्य अनुकरणीय,हम सभी संगठन के पदाधिकारि किसान विरोधी इस बिल का विरोध करते हैं और हम केंद्र सरकार के बिना सोचे समझे इस निर्णय का भी पुरजोर विरोध करते हैं और देश के किसानों के साथ उनके स्वर में स्वर मिलाने तैयार हैं हम अपने सभी संगठन के साथियों से किसानों के हित में आगे आने और केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी मुहिम किसानों के पक्ष में तेज करने निवेदन करते हैं साथ ही 29 सितंबर को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी व राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रपति के नाम दिए जाने वाले ज्ञापन में अपनी उपस्थिति देने की भी अपील करती है.