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कवर्धा: तेंदुआ शिकार प्रकरण में दो ग्रामीण गिरफ्तार, जेल भेजे गए मृत अवस्था में मिले तेंदुआ प्रकरण को महज दो दिनों में सुलझाने में वन विभाग की टीम को मिली बड़ी कामयाबी

तेंदुआ शिकार प्रकरण में दो ग्रामीण गिरफ्तार, जेल भेजे गए

मृत अवस्था में मिले तेंदुआ प्रकरण को महज दो दिनों में सुलझाने में वन विभाग की टीम को मिली बड़ी कामयाबी

कवर्धा, 19 फरवरी 2020। कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा वन परिक्षेत्र भठेला टोला के जंगल में मृत अवस्था मे मिले तेंदुआ प्रकरण को महज दो दिनों में ही सुलझाने में कवर्धा वनमण्डल की टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। इस पूरे प्रकरण में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

वनमण्डलाधिकारी श्री दिलराज प्रभाकर ने तेंदुआ शिकार प्रकरण के खुलासे में वन विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की सिलसिलेवार विस्तार से जानकारी दी। डीएफओ श्री प्रभाकर ने बताया कि वन्य प्राणी मादा तेंदुआ के शिकार के संबंध में मुख्य अपराधी और उनके बताऐ साक्ष्य के आधार पर अन्य अपराधी से संबंधित पतासाजी वन विभाग की टीम द्वारा की गयी।

वन्य प्राणी तेंदुआ जो शेड्यूल 1, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972, में आता है, के अवैध शिकार में संलिप्त होने के कारण मुख्य आरोपी श्री हरिचंद पिता श्री सुखराजी, उम्र- 26 वर्ष, निवासी -झंडी, थाना- भोरमदेव, जिला कबीरधाम और सह आरोपी श्री भुखलु पिता श्री गोपाल बैगा, उम्र- 23 वर्ष, निवासी-कौहापानी, थाना- भोरमदेव, जिला कबीरधाम को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2 (2) (16) (20) (31) (32) (35) (36), 9, 39, 40, 50, 51 तथा 57 लगाते हुए गिरफ्तार किया गया तथा माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कबीरधाम (कवर्धा) के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया।

इस पूरे प्रकरण में श्री नरसिंगराव मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी), श्रीमती शालिनी रैना मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वन वृत्त दुर्ग, श्री राजेश पांडे मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी का सतत निर्देश और मार्गदर्शन कवर्धा वन मंडल की टीम को प्राप्त होता रहा।
वन्य प्राणी मादा तेंदुआ के अवैध शिकार के अपराध का खुलासा करने तथा आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत करने में श्री सिदार उपवन मंडल अधिकारी सहसपुर लोहारा, श्री देवेंद्र गौड़ परिक्षेत्र अधिकारी भोरमदेव, वन विभाग का उप वन मंडल सहसपुर लोहारा, कवर्धा तथा भोरमदेव अभ्यारण का वन अमला और पुलिस अधीक्षक जिला कबीरधाम के मार्गदर्शन में उपलब्ध कराये गये पुलिस बल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही अचानकमार टाइगर रिजर्व बिलासपुर से आए स्निफर डॉग स्क्वायड की टीम की अपराधियों तक पहुंचने में विशिष्ट भूमिका रही।

*सोमवार 15 फरवरी को सहसपुर लोहारा परिक्षेत्र में मृत अवस्था मे मिली थी तेंदुआ*

सोमवार 15 फरवरी को सहसपुर लोहारा परिक्षेत्र के भठेला टोला परिसर के कक्ष क्रमांक 305 में एक तेंदुआ मृतक अवस्था में वन विभाग कवर्धा वन मंडल की टीम को मिला था। वन मंडल अधिकारी, उप वन मंडल अधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी, संबंधित वन अमला तथा पशु चिकित्सक तत्काल मौका स्थल पर रवाना हुए थे। मौका पर पाया गया कि मादा तेंदुआ, जिसकी उम्र लगभग 2 से 3 वर्ष रही होगी, जी आई तार के करंट की चपेट में आने से मर गयी थी। घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को वन मंडल अधिकारी द्वारा दी गई थी। अचानकमार टाइगर रिजर्व से स्निफर डॉग स्क्वायड को भेजने के लिए संपर्क किया गया। पीओआर -16031/15 अज्ञात अपराधी के नाम से जारी किया गया। अपराधियों की खोज के लिए रात्रि गश्त तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।

तेंदुआ प्रकरण के खुलासे में स्निफर डॉग स्क्वायड की मदद मिली

दूसरे दिन 16 फरवरी को मुखबिरी तंत्र की सूचना के आधार पर तथा स्निफर डॉग स्क्वायड की मदद से, वन विभाग तथा पुलिस विभाग की टीम बनाकर सर्च वारंट जारी कर अपराधी के घर छापा मारा गया। छापा में वन्यप्राणी अपराध में उपयोग हुई सामग्री प्राप्त हुई। अपराधी से पूछताछ की गयी। वहीं दूसरी तरफ पशु चिकित्सक- विशेषज्ञों की टीम के द्वारा मृतक मादा तेंदुआ के पोस्टमार्टम की कार्यवाही की गई तथा एस.ओ.पी. का पालन करते हुए दाह संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम तथा दाह संस्कार के समय श्रीमती शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक, दुर्ग वन वृत्त, दुर्ग मौका पर उपस्थित रहीं। मृतक वन्य प्राणी मादा तेंदुआ का सैंपल कलेक्शन फॉरेंसिक लैबोरेट्री में पुष्टि के लिए भेजने के लिए किया गया।

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