मोर जतन करव रे, धरती के जतन करो रे ,गीत के गायक का आज प्रशासन नही ले रहा है सुध।


मोर जतन करव रे, धरती के जतन करो रे ,गीत के गायक का आज प्रशासन नही ले रहा है सुध।
0 लोककलाकार गायक धुरवाराम मरकाम को हुआ लकवा,
गंडई पंडरिया:-अविभाजित मध्य प्रदेश के शासन काल मे कला के क्षेत्र में अपने गीतों को देश दुनिया मे नाम कमाने वाले लोक कलाकार गायक धुरवा राम मरकाम आज जिला मेडिकल कालेज राजनांदगांव में भर्ती है, प्रशासन को इन कलाकारों की सुध लेने का समय नही है। छ ग के गीत जिसमे जंगल जंगल झाड़ी झाड़ी खोजेव साँवरिया ला,कनियाँ मा मोर करधन अउ पाँव में साटी, लागे रहिथें दीवाना तोर बर मोरो मन लागे रहिथे,जैसे गीतों के गायक आज जीवन से कही ना कही संघर्ष कर रहा है। ज्ञात हो कि शुक्रवार 4 मार्च शाम उनकी तबियत खराब होने पर परिवार वालो ने उसे गंडई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहाँ डॉक्टरों ने आक्सीजन की कमी बताया, उसके बाद जाँच और उपचार किया पेसेंट के परिजन ने बताया कि रात्रि में मरकाम ठीक था,अच्छे से सोया भी लेकिन सुबह तबियत फिर से बिगड़ी,तब सहायक चिकित्सा अधिकारी प्रशांत सोनी ने बताया कि 57वर्षीय धुरवाराम मरकाम का शुगर बड़ा हुआ बताया,शुगर लेवल 220 के आसपास था,निमोनिया था, कोरोना टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आया था, राइट हाथ और पैर शून्य था,लकवा का शिकार बताया, आक्सीजन की कमी के चलते आक्सीजन लगाकर संजीवनी 108 से शनिवार 5 मार्च को दोपहर 12 बजे जिला मेडिकल रिफर किया गया,
ज्ञात हो कि गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं संसदीय सचिव कुँवर सिंह निषाद का गत एक साल पहले गंडई क्षेत्र के दौरे में रहे जहाँ टिकरीपारा वार्ड 12 निवासी लोक कलाकार गायक धुरवाराम मरकाम की वस्तु स्थिति से अवगत हुआ, जहाँ उनके निवास को देखा तो तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सी एम ओ नगर पंचायत को निर्देशित किया था, और उनके प्रकरण को खुद ही मंत्रालय जाकर स्वीकृति कराया था,सांसद निषाद खुद ही सांस्कृतिक कार्यक्रम लोकरंग में कलाकार भी है, कलाकार की भावनाओ को अच्छे से समझते हुए तत्काल राजिम दुर्ग भिलाई सहित आसपास के कलाकारों से चंदा इकट्ठा कर 70हजार का सहयोग भी मरकाम को प्रदान किया था। लेकिन आज मरकाम बेबस होकर हॉस्पिटल में जीवन से संघर्ष कर रहा है प्रशासन को उनकी तबियत कैसे है सुध लेने का समय और जानकारी नही है।