अबतक 11.58 लाख टन धान बिका, सहकारी समितियों से 10 से 15 प्रतिशत ही हो रहा धान का उठाव
अबतक 11.58 लाख टन धान बिका, सहकारी समितियों से 10 से 15 प्रतिशत ही हो रहा धान का उठाव

रायपुर :- धान खरीदी शुरू होने के साथ ही सहकारी समितियों में अव्यवस्था निर्मित हो गई है। कई जिलों में किसान परेशान है। धान की लगातार आवक जारी है, लेकिन उठाव कमजोर होने की वजह से नई खरीदी के लिए जगह नहीं बन पा रही है।
25 नवंबर तक की स्थिति में प्रदेश में 11.55 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, लेकिन 10 से 15 प्रतिशत ही धान का उठाव हो पाया।
प्रदेश के कई जिलों में सहकारी समितियों में खरीदी के बाद धान का उठाव नहीं होने की वजह से किसानों को टोकन नहीं दिया जा रहा है। राजनांदगांव व धमतरी जिले में इस वर्ष सर्वाधिक धान खरीदी हुई है, वहीं दुर्ग जिले की कई समितियों में खरीदी अधिक होने की वजह से सहकारी समितियों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दीवाली के बाद राइस मिलों में पर्याप्त श्रमिकों के नहीं पहुंचने की वजह से अभी उठाव प्रभावित हुआ है। कुछ चुनिंदा जिले में ही यह स्थिति देखने को मिल रही है। वहीं, बाकी केंद्रों पर स्थिति सामान्य है।
चार लाख टन उठाव का आदेश जारी
राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, सहकारी समितियों से कस्टम मिलिंग के लिए चार लाख टन धान के उठाव का आदेश जारी किया जा चुका है। दो दिन पहले ही यह आदेश जारी हुआ है। सोमवार से धान का उठाव शुरू कर दिया जाएगा। दीवाली के बाद मिलों में श्रमिकों के आने में देरी होने की वजह से भी कार्य प्रभावित हुआ।
किसानों को करना पड़ रहा इंतजार
धान बिक्री के लिए टोकन के लिए किसानों को एक सप्ताह का इंतजार करना पड़ रहा है। कई सहकारी समितियों में धान जाम होने की वजह से जिन्हें टोकन मिल चुका है, उनका धान भी नहीं बिक पा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दीवाली के बाद धान कटाई में तेजी आई है। समितियों में भीड़ बढ़ गई है। धान खरीदी केंद्रों से लगातार रिपोर्ट लिया जा रहा है।
- धान बेचने वाले किसानों की संख्या- 2,81,960
- धान की कुल बिक्री- 11.56 लाख मीट्रिक टन
- किसानों को कुल भुगतान- 2254.83 करोड़ रुपये
- भुगतान किए गए किसानों की कुल संख्या- 2,53,153
- धान विक्रय करने वाले किसानों में लोन लेने वाले कृषक-1,73,422
(नोट-आंकड़े 1 से 25 नवंबर तक की स्थिति में)
2,254 करोड़ रुपये की राशि किसानों को भुगतान कर दी गई
धान के उठाव के लिए मिलरों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। व्यवस्था के संबंध में सहकारी समितियों से रोजाना रिपोर्ट लिया जा रहा है। प्रदेश में 11.55 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। वहीं, 2,254 करोड़ रुपये की राशि किसानों को भुगतान कर दी गई है। 48 घंटे के भीतर किसानों को राशि उनके खाते में ट्रांसफर की जा रही है।
टोपेश्वर वर्मा, सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग


