ChhattisgarhINDIAKabirdhamखास-खबर

वनांचल ग्राम तेलियापानी लेदरा की महिलाओं ने शासकीय योजना से पाया लखपति दीदी का दर्जा।

News Ad Slider
Advertisement

डीलर दीदी बनी प्रेरणा ।

वनांचल ग्राम तेलियापानी लेदरा की महिलाओं ने शासकीय योजना से पाया लखपति दीदी का दर्जा।

वनांचल क्षेत्रो में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़े समूह ने आजीविका के दिखये नय रास्ते।

कबीरधाम। कबीरधाम जिले के विकासखंड पंडरिया के वनांचल एवं दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के ग्राम तेलियापानी लेदरा में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की महिलाओं ने शासकीय योजनाओं से मिल रहे लाभ से आजीविका के नय रास्ते दिखये है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत वनांचल क्षेत्र में विशेष पिछड़ी जनजातिय समुदाय के लिए बनाए जा रहे पक्के आवासों से आजीविका के नय रास्ते खुले है। पक्के आवास में उपयोग होने वाले निर्माण सामग्रियां की आपूर्ति राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की महिला स्व सहायता समूह द्वारा डीलर दीदी के रूप में आवास हितग्राहियों को बहुत ही कम दर पर उपलब्ध करा रही है।समूह का यह व्यवसाय पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना चुका है। डीलर दिदीयो द्वारा रेत गिट्टी सीमेंट ईंटे सेंट्रिंग प्लेट सप्लाई का व्यवसाय बिहान योजना की सहायता से शुरू करते हुए सफलता के नया आयाम स्थापित कर रही है। इस कार्य से जुड़कर समूह की महिलाएं लखपति दीदी का दर्जा भी प्राप्त कर रही है क्योंकि इनकी सालाना कमाई लाख रूपए से कही अधिक हो गई है।

डीलर दीदी सुकर्तिन बाई बैगा के अनुभव।

ग्राम पंचायत तेलियापानी लेदरा के आश्रित ग्राम मराडबरा की रहने वाली दीदी सुकर्तिन बाई बैगा ने बताया कि वह अपने आजीविका के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विहान योजना के द्वारा सूरज महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी हु। समूह में हम 10 सदस्य हैं।हमारे क्षेत्र में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से बैगा परिवारों के लिए आवास का निर्माण हो रहा है।ग्रामीणों को निर्माण सामग्री समय पर नहीं मिलने के कारण आवास बनाने में विलंब हो रहा था, तभी एनआरएलएम के कैडर ने मुझे डीलर दीदी के फायदे बताए और हमको इस व्यवसाय से जोड़कर चक्रीय निधि के रूप में 15 हजार रुपए एवं सामुदायिक निवेश कोष की राशि से 1 लाख 20 हजार रुपए सेंट्रिंग प्लेट एवं 2 लाख रुपए रेती गिट्टी हेतु आवंटित कर कुल 3 लाख 24 हजार रुपए की सहायता दी गई। श्रीमती सुकर्तिन बाई बैगा ने आगे बताया कि उनके द्वारा 15 आवासो के निर्माण में सेंट्रिंग प्लेट सप्लाई कर 1,50000 रूपए मिले है। 5 ट्रिप रेती बिका है जिससे 15 हजार रुपए मिला है बाकी पैसा हितग्राहियों से मिलने वाला है। 4 ट्रिप गिट्टी बेचकर 20000 रूपए का लाभ हो गया है।हमारे समूह की आमदनी 185000 से अधिक की हो चुकी है। मै समूह में जुड़ने से पहले कृषि कार्य एवं मजदूरी से मेरी सालाना आमदनी 30 हजार रुपए ही हुआ करती थी। लेकिन जब से मैं डीलर दीदी के रूप कार्य कर रही हु तो कुछ माह में ही मेरी आमदनी 50000 रुपए की से अधिक हो गई है। इन पैसों की सहायता से मैंने अपने कृषि कार्य को आगे बढ़ाया जिससे अब कृषि से आमदनी 48000 रुपए और मजदूरी कार्य करके 15 से 20 हजार रुपए सहित मेरी कुल कमाई एक वर्ष में 120000 रुपए को पार कर गई है। इस तरह अब मैं लखपति दीदी बन चुकी हूं। डीलर दीदी ने मुझे बहुत मान और फायदा पहुँचाया है।

डीलर दीदी से समूह और हितग्राही दोनों को हो रहे फायदे: कलेक्टर गोपाल वर्मा।

इस संबंध में चर्चा करते हुए कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि हमारा प्रयास है की स्थानीय स्तर पर जनमन आवास में निर्माण सामग्रियों की आपूर्ति को आजीविका से जोड़ा जाए। इसी कड़ी में हमने जिले में डीलर दीदी के रूप में नए व्यवसाय को बढ़ावा देने का कार्य किया।बिहान योजना से 12 महिला स्व सहायता समूह डीलर दिदीयो के रूप में कार्य कर रही है और सभी लखपति दीदी के रूप में स्थापित हो चुकी है। सेंट्रिंग प्लेट सहित निर्माण सामग्रियों की आपूर्ति हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर समूह द्वारा कम दर में किया जा रहा है। इस प्रयोग से एक साथ दो फायदे हो रहे है। प्रथम जनमन आवास हितग्राहियों को निर्माण सामग्री कम दर पर गांव में मिल रहा है साथ ही निर्माण सामग्रियों की आपूर्ति कर महिला समूह को आर्थिक लाभ हो रहा है।

डीलर दीदी से आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हो रहा फायदा: सीईओ जिला पंचायत अजय कुमार त्रिपाठी।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि डीलर दीदी अच्छा उदाहरण है योजनाओं के अभिसरण का जिसमे प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के समूह द्वारा निर्माण सामग्रियों की आपूर्ति। जिले में 393 समूह सेंटरिंग प्लेट के व्यवसाय से जुड़ी है जो 714 महिलाएं को आर्थिक रूप से सीधे लाभान्वित कर रहा है। इस व्यवसाय के लिए महिला समूह को विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण प्रदाय किया गया है। समूहो को लगभग 19 लाख रुपए मासिक आमदनी हो रहा हैं जिससे जुड़ी प्रत्येक महिला सदस्यों को औसत रूप से 27000 रुपए का आमदनी हो रहा है। एक पंथ दो काज के रूप में डीलर दीदी के व्यवसाय ने पूरे प्रदेश का ध्यान कबीरधाम जिले की ओर खींचा है क्योंकि यहां प्रयोग सर्वप्रथम हमारे कबीरधाम जिले से ही प्रारंभ हुआ है।

जनमन आवास में मिल रहा फायदा।

वनांचल क्षेत्रो में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास का निर्माण हो रहा है। विशेष समुदाय के लिए आवास निर्माण करने सामग्रियों की लगातार आवश्यकता बनी हुई। वनांचल क्षेत्र में सामग्री मिलना और उसे अपने गांव तक लेकर जाना ग्रामीणों के लिए परेशानियों भरा रहता है।ऐसी स्थिति में डीलर दिदीयो द्वारा गांव में सामग्री आपूर्ति करना राहत बनकर आई है। इसकी सहायता से आवास निर्माण कार्य में तेजी आई है क्योंकि हितग्राही स्वयं आवास का निर्माण कर रहे हैं और वह अपने आवश्यकता अनुसार समूह से सामग्री क्रय कर रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page