शासकीयकरण की मांग को लेकर सचिव संघ की प्रेस वार्ता, पंचायत मंत्री के आश्वासन के बाद भी शासकीयकरण से वंचित हैं पंचायत सचिव


कवर्धा। प्रदेश पंचायत सचिव संघ जिला अध्यक्ष रवि प्रसाद शुक्ला व संघ के जिला/ब्लॉक पदाधिकारियों के साथ बुधवार को जिला प्रेस क्लब भवन में पंचायत सचिवों ने शासकीयकरण की एक सूत्रीय मांग को लेकर प्रेस वार्ता ली।

प्रेस वार्ता के दौरान पंचायत सचिव संघ के जिला अध्यक्ष रवि प्रसाद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रांत में विगत 26 वर्षो से 10568 पंचायत सचिव अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण अंचल में शासन के समस्त योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य जिम्मेदारी के साथ ईमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। संगठन द्वारा अपनी लंबित मांग शासकीयकरण के संबंध में दिनांक 26 दिसंबर 2020 से 23 जनवरी 2021 तक कुल 26 दिन शासन का ध्यानाकर्षण करने हेतु गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्वक आंदोलन किया था। उसी दौरान पंचायत मंत्री टीएस सिंह देव के आश्वासन पश्चात दिनांक 23 जनवरी 2021 को हड़ताल स्थगित कर 24 जनवरी 2021 को मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदेश पंचायत सचिव संगठन के प्रतिनिधि मंडल के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा माह दिसंबर 2021 में शासकीयकरण का सौगात देने का वादा किया गया था।
छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत राज (जिला पंचायत/जनपद पंचायत /ग्राम पंचायत) व्यवस्था लागू है। पंचायत राज का आधार स्तंभ ग्राम पंचायत को माना गया है, किंतु जिला/ जनपद में कार्यरत कर्मचारी शासकीय सेवक है और पंचायती राज के आधार स्तंभ माने जाने वाले ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सचिव आज 26 वर्ष की सेवा बीत जाने के बाद भी शासन द्वारा शासकीय करण नहीं किया गया है।
श्री शुक्ला ने कहा कि पंचायत सचिव 29 विभागों के 200 प्रकार के कार्य को जमीनी स्तर तक जिम्मेदारी के साथ ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करते हुए राज्य शासन एवं केंद्र शासन के समस्त योजनाओं को लोकतंत्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का अति महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
वैश्विक महामारी कोरोना में ग्रामीण जन की सुरक्षा हेतु कोविड से संबंधित सभी प्रकार के कार्य कोविड टेस्ट. कोविड टीकाकरण इत्यादि महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। पंचायत सचिव के मेहनत के परिणाम है कि पूरे छत्तीसगढ़ में टीकाकरण कार्य 100 प्रशित लक्ष्य की प्राप्ति की ओर अग्रसर है।

छत्तीसगढ़ शासन की अति महत्वकांक्षी योजना एवं सभी न्याय योजना जैसे नरुवा गरुवा घुरुवा अउ बाड़ी के तहत ग्राम गौठान निर्माण, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना एवं मनरेगा के कार्यों का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन कर रहे है।
शासन के दिशा निर्देश एवं पंचायत सचिवों के कड़ी मेहनत तथा कार्य के प्रति लगन एवं सच्ची निष्ठा का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ शासन को राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर 12 राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है।
पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने हेतु छत्तीसगढ़ प्रदेश के 65 सम्मानीय विधायकगण द्वारा अनुशंसा कर मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया है। पंचायत सचिव संघ जिला अध्यक्ष श्री शुक्ला ने आगे कहा कि पंचायत सचिव को कार्य करते हुए 25 वर्ष से अधिक हो गया है। पंचायत सचिव के साथ नियुक्त हुए अन्य विभाग के कर्मचारी जैसे शिक्षाकर्मी को शासकीयकरण किया जा चुका है।

अपनी एक सूत्रीय मांगों को रखते हुए कहा कि पंचायत सचिवों को शासकीयकरण किये जाने से शासन को लगभग 75 करोड़ का वित्तीय भार आएगा जो नहीं के बराबर है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत मंत्री टी.एस. सिंहदेव के नाम पत्र जारी करते हुए पंचायत सचिवों को शासकीयकरण किये जाने का अनुरोध किया। वार्ता के दौरान सचिव संघ के जिला पदाधिकारी एवनाथ चन्द्रवंशी, रमेश शर्मा, कन्हैया सिंह राजपूत, बैजनाथ चन्द्रवंशी, सीमा भास्कर, सुनीति कौशिक, डमरुनाथ योगी, रवि चन्द्रवंशी प्रमुख रूप से मौजूद थे।