मास्टर ट्रेनर्स के समर्पण से सशक्त होगी शिक्षा की नींव, बीईओ कार्यालय पंडरिया में हुआ भव्य सम्मान समारोह

मास्टर ट्रेनर्स के समर्पण से सशक्त होगी शिक्षा की नींव, बीईओ कार्यालय पंडरिया में हुआ भव्य सम्मान समारोह

टीकम निर्मलकर AP न्यूज़ पंडरिया : राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और ‘निपुण भारत मिशन’ के सफल क्रियान्वयन की दिशा में विकास खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) एवं खंड स्रोत समन्वयक कार्यालय पंडरिया द्वारा एक विशेष शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उन मास्टर ट्रेनर्स को सम्मानित किया गया, जिन्होंने प्राथमिक स्तर की शिक्षा में गुणवत्ता लाने और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए अथक प्रयास किए हैं।
बीईओ श्री एम.के. गुप्ता ने सराहा मास्टर ट्रेनर्स का कौशल
समारोह को संबोधित करते हुए विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री एम.के. गुप्ता ने कहा, “शिक्षा की नींव को मजबूत करने में मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आपके द्वारा दी गई नवीन शिक्षण पद्धतियों और समर्पण से ही हमारे ब्लॉक के स्कूलों में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा। मास्टर ट्रेनर्स न केवल ज्ञान साझा करते हैं, बल्कि शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार भी करते हैं, जिससे हमारे नौनिहालों का भविष्य उज्ज्वल होगा।”
750 शिक्षकों को मिला गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण
इन दक्ष मास्टर ट्रेनर्स ने पंडरिया विकासखंड के 315 प्राथमिक स्कूलों के लगभग 750 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र कक्षा पहली से तीसरी तक के बच्चों के लिए मौखिक भाषा विकास, डिकोडिंग, ‘चार-ब्लॉक मॉडल’ और पिरामिड तकनीक रही। साथ ही, बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अंग्रेजी, पर्यावरण, कला, योग और बांसुरी जैसे रचनात्मक विषयों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को आनंददायी बनाने पर जोर दिया गया।
इन मास्टर ट्रेनर्स का हुआ भव्य सम्मान
उत्कृष्ट कार्य और सफल प्रशिक्षण संचालन के लिए भरत कुमार डोरे, धर्मराज साहू, भागीरथी चंद्राकर, विवेक शर्मा, शिवकुमार बंजारे, देवलाल साहू, लक्ष्मण बांधकर, विक्रम जांगड़े, उत्तम लायन, नर्सिंग राजपूत, विजेंद्र ठाकुर, कु. आरती ठाकुर, सुमित पांडे, हामिद खान, मानस साहू, तोमन ठाकुर, एवं सभाजीत सिंह सहित अन्य प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
*विकास खण्ड स्रोत समन्वयक राममुरारी यादव* ने भी मास्टर ट्रेनर्स को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनके योगदान की प्रशंसा की।



