शिक्षकों की हड़ताल से स्कूलों में पढ़ाई ठप

कबीरधाम। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा के नेतृत्व में जिले के हजारों शिक्षकों ने एक दिवसीय हड़ताल कर अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण कई स्कूलों में शैक्षणिक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। आंदोलन के पश्चात शिक्षकों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान करना, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर एलबी संवर्ग को समस्त लाभ देना, टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करना तथा VSK ऐप के माध्यम से निजी मोबाइल से ऑनलाइन उपस्थिति की बाध्यता खत्म करना शामिल है। शिक्षकों का कहना है कि यह व्यवस्था उनकी निजता का हनन करती है और निजी जानकारी के दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है।
जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि फेडरेशन पिछले सात वर्षों से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। वर्तमान सरकार ने “मोदी की गारंटी” के तहत 100 दिनों में वेतन विसंगति दूर करने का वादा किया था, किंतु दो वर्ष बीत जाने के बाद भी इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने सभी शिक्षकों से एकजुट रहकर संगठन को मजबूत बनाने और अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला संयोजक राजेंद्र शर्मा, कार्यकारी जिला अध्यक्ष केशलाल साहू, जिला उपाध्यक्ष नवीन ठाकुर, हरीश कुमार धुर्वे सहित कवर्धा, पंडरिया, लोहारा एवं बोड़ला ब्लॉक के अध्यक्षों तथा बड़ी संख्या में शिक्षक–शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
इस ऐतिहासिक आंदोलन में गोपाल राम चंद्राकर, प्रभु दास मानिकपुरी, तुलाराम सागर, सुरेश कुमार धुर्वे, मोहन राजपूत, किशोर नागराज, रोहित राम साहू, गौरव झरिया, जयप्रकाश तिवारी, मनोज तिवारी, रामप्रसाद नेताम, विष्णु प्रताप सिंह, शैलेंद्र सिंह राजपूत, हेमदीप निषाद, मानसिंह चंद्राकर, शशिजीत सिंह राज, रूपेंद्र पटेल, अर्चना तिवारी, मनीषा चंद्रवंशी, आकांक्षा झरिया, अनुपा लांझीकर, आरती पांडे सहित हजारों शिक्षक शामिल हुए।



