आधुनिक खेती की राह पर तामेश्वर साहू, आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा


AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो केसीजी
अनुदान व तकनीक के सहारे सब्जी उत्पादन में मिली सफलता
प्लास्टिक मल्चिंग व ग्राफ्टेड बैंगन से बदली तामेश्वर साहू की खेती की तस्वीर
खैरागढ़ : खैरागढ़ विकासखण्ड के ग्राम विचारपुर निवासी कृषक तामेश्वर साहू ने उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। सीमित भूमि संसाधनों के बावजूद आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उन्होंने अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
तामेश्वर साहू के पास कुल 1.15 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें वे मुख्य रूप से सब्जी की खेती करते हैं। पारंपरिक खेती से सीमित लाभ मिलने के कारण उन्होंने नवाचार की ओर कदम बढ़ाया। इस उद्देश्य से उन्होंने ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से संपर्क कर उद्यान विभाग द्वारा संचालित शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
वर्ष 2023-24 में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक अपनाई। इस योजना के तहत 1 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए उन्हें ₹16,000 का अनुदान प्राप्त हुआ। प्लास्टिक मल्चिंग से खेत में नमी लंबे समय तक बनी रही, खरपतवारों का नियंत्रण हुआ और फसल की गुणवत्ता व उत्पादन में स्पष्ट सुधार देखने को मिला। इससे उत्पादन लागत घटी और मुनाफा बढ़ा।
इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2025-26 में श्री साहू ने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती प्रारंभ की। इस नव तकनीक के लिए उद्यान विभाग द्वारा उन्हें ₹30,000 का अनुदान प्रदान किया गया। ग्राफ्टेड बैंगन फसल रोगों के प्रति अधिक सहनशील होने के साथ-साथ अधिक उपज देने वाली सिद्ध हुई, जिससे उनकी आमदनी और अधिक सुदृढ़ हुई।
तामेश्वर साहू का कहना है कि उद्यानिकी विभाग से निरंतर मार्गदर्शन एवं सहायता मिलने से उन्हें आधुनिक खेती अपनाने का आत्मविश्वास मिला। उनकी सफलता को देखकर आसपास के किसान भी उद्यानिकी फसलों की खेती के प्रति प्रेरित हो रहे हैं। इससे क्षेत्र में आने वाले समय में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ेगा और किसान अपनी आय में वृद्धि कर आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे।



