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IFC परियोजना अंतर्गत इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर की कार्य उपलब्धियों की समीक्षा बैठक आयोजित

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो केसीजी

खैरागढ़ : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) अंतर्गत संचालित IFC परियोजना के तहत इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर की कार्य उपलब्धियों की समीक्षा हेतु आज जिला स्तर पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए महिला किसानों की आय वृद्धि एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगामी कार्ययोजना तैयार करना रहा।

उल्लेखनीय है कि IFC परियोजना जनपद पंचायत खैरागढ़ के सृजन संकुल संगठन अंतर्गत 16 ग्रामों में संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से लगभग 1300 चयनित महिला किसानों को विभिन्न कृषि एवं पशुपालन आधारित गतिविधियों से जोड़ा गया है। परियोजना के अंतर्गत महिला किसानों को बहु-आजीविका के अवसर प्रदान कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का कार्य किया जा रहा है।

समीक्षा बैठक में प्रेम कुमार पटेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई की उपस्थिति रही। बैठक में हिमांशु गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत खैरागढ़, डीपीएम एनआरएलएम उमेश तिवारी, बीपीएम दीनानाथ लिल्लारे, क्षेत्रीय समन्वयक गीतांजली ठाकुर, पीआरपी सृजन संकुल संगठन, IFC एंकर स्टाफ, सीनियर सीआरपी, 16 ग्रामों के कृषि सखी एवं पशु सखी सहित लगभग 50 प्रतिभागी उपस्थित रहे। साथ ही तकनीकी सहयोग संस्था प्रदान से जिला समन्वयक श्री राकेश भी बैठक में मौजूद थे।

बैठक के दौरान IFC परियोजना के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके अंतर्गत चयनित महिला किसानों को तीन से चार कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़कर आय वृद्धि करना, विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करना, सस्ती दरों पर ऋण एवं अनुदान योजनाओं से जोड़ना, हितग्राहियों का प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास तथा IFC एंकर एवं सीनियर सीआरपी के माध्यम से नियमित तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त आजीविका सेवा केंद्र की स्थापना कर प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं ऋण सुविधा उपलब्ध कराना तथा सब्जी, मुर्गी, बकरी एवं अनाज जैसे उत्पादों के विक्रय हेतु बाजार से जोड़ने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। महिला किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट उपलब्ध कराने के लिए सब्जी नर्सरी एवं खाद-बीज दुकान की स्थापना भी की जा रही है।

समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल द्वारा IFC परियोजना अंतर्गत चयनित महिला किसानों के यहां आजीविका डबरी निर्माण हेतु मांग प्रस्ताव प्राथमिकता के आधार पर तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि डबरी निर्माण से सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि होगी तथा भू-जल स्तर में व्यापक सुधार आएगा। जनपद पंचायत सीईओ हिमांशु गुप्ता द्वारा भी महिला किसानों की आय वृद्धि एवं सतत आजीविका विकास को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

बैठक में डीपीएम एनआरएलएम द्वारा पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से IFC परियोजना की वर्तमान स्थिति एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। बीपीएम एनआरएलएम द्वारा IFC एंकर, पीआरपी एवं सीनियर सीआरपी से आजीविका संसाधन केंद्र एवं सब्जी नर्सरी की कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं प्रदान संस्था के जिला समन्वयक द्वारा IFC परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया गया।

यह समीक्षा बैठक IFC परियोजना की प्रगति को सुदृढ़ करने तथा भविष्य की रणनीति निर्धारित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में यह परियोजना ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत एक प्रभावी एवं सशक्त पहल के रूप में सामने आ रही है।

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