एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य: बिना फार्मर आईडी नहीं बेच सकेंगे धान

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ केसीजी
जिले में अब तक कुल 49,495 पीएम किसान लाभार्थियों का हुआ फार्मर रजिस्ट्रेशन
खैरगढ़, 17 जुलाई 2025//
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि केवल वही किसान समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के पात्र होंगे जिनका पंजीयन पोर्टल पर पूर्ण हुआ हो। इसका उद्देश्य वास्तविक किसानों को लाभ पहुंचाना और बिचौलियों की भूमिका समाप्त करना है।
एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन के साथ किसानों को 11 अंकों की विशिष्ट फार्मर आईडी जारी की जा रही है, जिसमें भूमि, बैंक, मोबाइल, फसल, कृषि यंत्र जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां समाहित की जाती हैं। यह डिजिटल पहचान किसानों को योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने के लिए एक अहम कदम है।
जिले में अब तक 49,495 पीएम किसान लाभार्थियों ने फार्मर पंजीयन कराया है, जो कुल 1,11,813 लाभार्थियों का 44.27 प्रतिशत है। खैरागढ़ में सबसे अधिक 28,093 किसानों का पंजीयन हुआ है, जबकि गंडई में 8,196, छुईखदान में 9,967 और साल्हेवारा में 3,239 किसानों ने पंजीयन कराया है।
वही सक्रिय 66,846 किसानों में से 17,351 किसानों का पंजीयन शेष है। अकेले खैरागढ़ ब्लॉक में यह संख्या 10,403 है।
‘किसान की तीन अंगों की पहचान’ — किसान, जमीन और फसल — की अवधारणा के साथ यह प्रणाली काल्पनिक पंजीयन की संभावनाओं को समाप्त करती है। फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में रहेगा, जिससे उन्हें फसल बीमा, अनुदान, ऋण और कृषि यंत्र जैसी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे शीघ्र ही अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र, सीएससी या पंचायत कार्यालय में जाकर या स्वयं ऐप के माध्यम से पंजीयन पूर्ण करें। ऐसा नहीं करने पर वे समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए अपात्र माने जाएंगे।
इस डिजिटल व्यवस्था का संचालन कृषि, राजस्व और सहकारिता विभाग के समन्वय से किया जा रहा है। राज्य सरकार की यह पहल कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और कुशलता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


