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बाल विवाह मुक्त कबीरधाम” बनाने की जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने ली शपथ

कवर्धा : बाल विवाह मुक्त कबीरधाम” बनाने की जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने ली शपथ


टीकम निर्मलकर AP न्यूज़ कवर्धा, 02 नवंबर 2025। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल बोड़ला में बाल विवाह मुक्त वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह उन्मूलन के लिए जनजागरूकता बढ़ाना तथा बच्चों, अभिभावकों एवं समुदाय को बाल विवाह के दुष्प्रभावों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों एवं विद्यालय के विद्यार्थियों को बाल विवाह मुक्त कबीरधाम बनाने की शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने बाल विवाह की वर्तमान स्थिति, कानूनी प्रावधानों, सामाजिक-आर्थिक प्रभावों तथा रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

अतिथियों ने बताया कि कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका तथा 21 वर्ष से कम उम्र के बालक का विवाह कराना दंडनीय अपराध है। बाल विवाह रोकने हेतु जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी तथा बाल संरक्षण तंत्र के माध्यम से त्वरित हस्तक्षेप, उम्र सत्यापन तथा परिवारों से सतत संवाद जारी है। कार्यक्रम में यह उल्लेख किया गया कि कम उम्र में विवाह के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित होती है और विवाहोपरांत घरेलू जिम्मेदारियों के कारण उच्च शिक्षा भी प्रभावित होती है, जिसके परिणामस्वरूप रोजगार के अवसर सीमित हो जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने बताया कि कम उम्र में गर्भधारण से कुपोषण, एनीमिया, प्रसव संबंधी जटिलताएँ एवं स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं। किशोरी स्वास्थ्य दिवस, पोषण कार्यक्रम, नियमित स्वास्थ्य जांच और परामर्श सेवाओं की जानकारी भी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि समय से पहले विवाह परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है।

विवाह का खर्च, कर्ज की स्थिति और शिक्षा रुकने से गरीबी का दुष्चक्र गहरा होता है। कम उम्र का विवाह लैंगिक असमानता को बढ़ावा देता है, जिससे समाज की प्रगति बाधित होती है। विद्यालयों के विद्यार्थियों स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय द्वारा बाल विवाह और पॉक्सो एक्ट पर आधारित नाटक, गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने बाल विवाह के जोखिम, कानून और संरक्षण तंत्र को सरल और प्रभावशाली रूप में दर्शाया।
जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासनिक परीक्षण पूर्ण होने के पश्चात पंचायतों को शीघ्र ही बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि जिले का लक्ष्य बाल विवाह रोकथाम की निगरानी को और मजबूत करना है। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायतों और बाल संरक्षण संस्थाओं के सहयोग से प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जोड़ने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। कार्यक्रम बोड़ला क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं नगरवासियों की गरिमामयी उपस्थिति में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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