,,,,धर्म और जाति पर राजनीति भारतीय संस्कृति पर कुठाराघात,,,,


,,,,धर्म और जाति पर राजनीति भारतीय संस्कृति पर कुठाराघात,,,,
छत्रपाल ठाकुर की कलम से
सब से पहले विनम्र श्रद्धांजलि उन तेरह भारत कें लाल शहीद सेनिक अधिकारियों को जिनकी शहादत पर हर एक भारतीय कि आंखे नम है।साथ ही धिक्कार है उन राज नेताओं के कृत्य पर जो अयसे मौके पर सत्ता लोलुपता के चलते कहीं कोई ठुमके लगा रहा है तो कहीं कोई लाखों की भीड़ जुटा कर मतदाताओं को वोट के लिए रिझा रहा है शर्म आनी चाहिए इन नेताओं को जिनकी वजह से राजनीति शर्मसार हो रही है।उन शहीदों के अंतिम संस्कार तक चुनाव प्रचार रोक देना था।लेकिन इन नेताओं ने साबित कर दिया कुर्सी से बड़ा कुछ भी नहीं।सलाम है जनरल विपिन रावत आेर उनके साथियों को जो शहीद हो कर अमर हो गए।
मोदी जी 2014 मे प्रधानमंत्री बने भारत के मतदाताओं ने उन पर पूरा विस्वास किया जिसके चलते प्रदेश में भी बीजेपी की सरकारें बनने लगी देश में बीजेपी का जैसे तूफान आ गया लगभग 18 से 20 प्रदेशों में बीजेपी या बीजेपी गठबंधन की सरकारें बन गई कारण था लोग समझ ही नही पाये की मोदी जी के वादे सच थे या जुमलों की बारिश जब तक जनता समझती तब तक मोदी जी दूसरी बार भी केंद्र में सरकार बना चुके थे हालांकि मोदी जी भूल गए थे जनता की ताकत लेकिन भारत के मतदाताओं को अपने वोट के ताकत का अंदाजा है अगर वो बनाना जानते है तो बिगाड़ना भी जानते हैं जिसका परिणाम प्रदेश के विधान सभा चुनावों में दिखने लगा जो हम सब के सामने है,,याद करिए एक एसे ब्यक्ति के हाथों यूपीए सरकार का पतन कराया गया जो लोकपाल बिल को लेकर अनसन पर बैठा अनशन टूटने के बाद आजतक उनका पता नही है।इस पूरे घटना क्रम में मीडिया की अहम भूमिका रही,,,अन्ना नही ये आंधी है आज का ये गांधी है,,कहां हैं आज के गांधी जी पर्दे के पीछे खड़ी बीजेपी ने केंद्र हासिल किया तो मफलर वाले साहब ने दिल्ली हथिया ली आज कोई उस बेचारे का सुध लेने वाला नही है
सात वर्ष बीत गए मोदी सरकार को 2022 में जिन 5 राज्यों में चुनाव होना है उनमें यूपी बड़ा राज्य है जिसपर सभी राजनीतिक दलों की निगाह है खास कर भाजपा की क्योंकि अगर भाजपा यूपी हारती है तो 2024 का आम चुनाव भाजपा के हाथ से निकल जायेगा क्योंकि बाकी दलों के पास खोने को कुछभी नही है बड़ा प्रदेश है लोकसभा की80 में 73 सीट बीजेपी के कब्जे में है अब चुनाव जीतने के लिए राष्ट्र हित और जन हित के मुद्दे चाहिए जो सच मे हो मोदी जी के पास जनता के सामने लेकर जाने को कुछ बचा नही क्योंकि मोदी सरकार ,महगाई,बेरोजगारी, अच्छे दिन,,सबका साथ सब का विकास इन वादों पर मोदी जी पूरी तरह फेल हो गए राम मंदिर,,370 ख के बाद हिन्दू मुस्लिम भी फेल हो गया।फिर भी मोदी जी हार नही मान रहे है उन्हें अब भी लग रहा है कि धर्म और जाति की राजनीति करने से उनका बेड़ा पार हो जाएगा तभी तो काशी विश्वनाथ में मोदी जी औरंगजेब को याद करना नही भूले,जब जब औरंगजेब आएगा शिवाजी खड़े हो जाएंगे,,जबकि यूपी चुनाव 2022 पूरे शबाब पर है लेकिन देश की जनता धर्म और जाति के राजनीति को पूरी तरह नकार देगी ये बात सत्ता के नशे में मस्त मोदी जी समझ नही पा रहे है
1980 में बनी भाजपा में संघ का दखल और उनके लोग तो थे लेकिन ये सत्ता से कोसों दूर थे क्योकि भारत मे संघ को यहां की जनता नकार चुकी थी फिर भी प्रयास जारी था आखिरकार,,,अब की बारी अटल बिहारी ,,,के स्लोगन पर देश की जनता ने अटलजी के नाम पर एन डी ए के रूप में केंद्र का बागडोर सोप दिया क्योंकि अटल बिहारी पक्के राष्ट्रवादी नेता थे वो गठबंधन की सरकार थी इसलिये बाजपेयी सरकार ज्यादा कुछ नही करपाई लेकिन उनका राष्ट्र प्रेम झलकता था
आजादी के बाद गांधी जी ने बिल्कुल सही फैसला लिया था मुसलमानों को अलग राष्ट्र दे कर जो आज पाकिस्तान है लेकिन गोडसे को ये पसन्द नही आया और उसने गांधी जी की हत्या कर दी जबकि आजादी की इस लड़ाई में गोडसे जैसे लोगों की कोई भूमिका नही थी ।गोडसे अगर गांधी को मारने के बजाय किसी अंग्रेज को मारदेता तो आज शहीद कहलाता ।सोचिये जब मुट्ठी भर मुसलमानों से आज भारत का हिन्दू खतरे में है ये भारत के कट्टर हिन्दू वादी लोगों का मानना है।अगर सारे मुसलमान और हिन्दू साथ रहते तो क्या होता ।आज भारत की सत्ता में कुछ गोडसे वादी लोगों का भी समावेश है जो पूरे देश में हन्दू मुस्लिम अलापते फिर रहे हैं ये बात देश की जनता को समझना होगा
सत्ता हथियाने के लिए कुछ लोग जो ये हिन्दू मस्लिम खेल रहे हैं जनता अब समझने लगी है।भारत में जितने भी कट्टरपन्ति हिन्दू और मुसलमान हैं ये इस देश की एकता और अखण्डता के दुश्मन है अभी जरूरत है हिन्दू और मुसलमान,एक दूसरे के धर्म को समझें तब समझ में आएगा कि असफाकउल्लाह और भगत सिंह कौन थे और इन्होंने सहादत किसके लिए दी थी
पूरा भारत सनातनी है था और रहेगा जो सनातन को जनता और मानता है वो भेदभाव नही जानता वो मानवता समझता है सनातन के अन्दर कट्टरवादियों के लिए कोई इस्थान नही है ये बात बाबा गुरु घांसी दास जी भी मानते हैं मनखे मनखे एक समान,,सनातनी तो एक सच्चा इंसान होता है न वो हिन्दू,न मुसलमान,न इशाई फिर धर्मो को लेकर इतना बवाल क्यों इस्लाम इतना बुरा होता तो इतने कम समय में इतना विस्तार नही होता पूरी दुनिया में इस्लाम तलवार के नोक पर नही फायलाया गया है क्योंकि जो दहसत गर्द आतंकी है वो मुसलमान नही हो सकते।जो मुसलमान हैं वो आतंकी नही हो सकते क्योंकि प्यासे को पानी पिलाना इस्लाम है भटके को रास्ता दिखाना इस्लाम है भूखे को रोटी खिलाने का ,मोहब्बत,खिदमत,इबादत का नाम इस्लाम है चंद आतंकी शयतानो के चलते पूरे इस्लाम को बदनाम करना उचित नही होगा इस्लाम क्या कहता है जानने की जरूरत है।समझने वाली बात है महात्मा गांधी की हत्या किसी मुसलमान ने नही की थी ,इंदिरा की हत्या राजीव गांधी की हत्या किसी मुसलमान ने नही की थी।तो क्या इन चंद सरफिरे गद्दारों के चलते पूरे हिन्दू कोम पर उंगली उठाना गलत नही होगा आज दुनिया में हर इंसान अमन और चैन की जिंदगी जीना चाहता है उन्हें हक है कट्टरवादी किसी भी धर्म के हों ये दुनिया उनके बाप की मिल्कियत नही है इंसानियत अभी जिंदा है ये पूरे विश्व को सोचना होगा पूरी गम्भीरतापूर्वक।फिर तो इस कायनात को बनाने वाला भी मुस्कुराएगा की वाकई मैने इंसान बनाकर कोई गलती नही की,