पीएम श्री स्वर्गीय लाल मूरत सिंह खुसरो शासकीय अंग्रेजी/हिंदी मध्यम शाला गंडई में बैगलेस डे एक्टिविटी एवं कौशल विकास कार्यशाला का किया गया आयोजन

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ केसीजी

खैरागढ़/गंडई शाला के प्राचार्य पवन कुमार ददरया के निर्देशानुसार कार्यशाला का आयोजन सफल रूप से किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया l इस आयोजन में विद्यार्थियों ने मिट्टी से, बांस शिल्प से विभिन्न कलाकृतियां बनानी सीखी l बेगलेस डे की गतिविधियों में विद्यार्थियों ने फायरलेस कूकिंग के तहत विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाये जिसमें ओरियो चॉकलेट, भेल, मलाई क्रीम केक इत्यादि बनाये गए l संस्था के प्राचार्य पवन कुमार ददरया एवं शिक्षक- शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों के द्वारा बनाये सारे व्यंजनों का स्वाद चखा एवं बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हुए उनकी प्रशंसा भी की। रेज़िन् आर्ट की सहायता से दीवार घड़ी का निर्माण किया गया l दीवार पर रंगों का उपयोग करके सुंदर से चित्र का चित्रण किया गया l मिट्टी से बने पेपर वेट, पेन स्टैंड, FLN में सहायक विभिन्न प्रकार की आकृतियों का भी निर्माण किया गया l खराब पड़ी वस्तुओं जैसे कि प्लास्टिक के बोतल, कांच के बोतल, थर्माकोल, आईशक्रीम स्टिक इत्यादि का उपयोग कर घर पे सजावट के समान का निर्माण किया l साथ ही न्यूजपेपर, गुब्बारों, नटों के द्वारा विज्ञान के विभिन्न सिध्दांतों को नंदनी जांगड़े (व्याख्याता) ने बच्चों को खेल- खेल में समझाया।कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य ने विद्यार्थियों को अपना शुभ आशीष प्रदान करते हुए, सभी बच्चों को आगे भी इसी तरह से शाला की गतिविधियों में अपना शत् प्रतिशत योगदान देने के लिए प्रेरित किया l साथ ही विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए भी प्रेरित किया एवं जिन बच्चों के अंक किसी कारण वश उनकी आशा अनुरूप नहीं आने पर उन्हें हताश ना होते हुए पूरी लगन से दुबारा प्रयास करने की भी सीख दी l इस बैगलेस डे एक्विटी एवं कौशल विकास कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं को प्राचार्य ने बधाई भी दी l कार्यक्रम को सफल बनाने में एम. एस. ठाकुर, स्नेह एक्का, नंदिनी जांगड़े, सुरभी उइके, सौम्या शर्मा, रीमा देवांगन, मुकेश यादव प्रधान पाठक, दुर्गेश सेन, यश जंघेल, देवचरण, कोमल सिंह, रोहन, रविश भारती, हेमंत कुमार, ममता सोनी, दिव्या श्रीवास्तव , निरंजन लाल चंद्रवंशी, अजय खलखो एवं रूपेन्द्र साहू का विशेष योगदान रहा l

