मंहगाई बेरोजगारी से परेशान जनता याद कर रही है पुराने दिन देश की जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है,,,,,


छत्रपाल ठाकुर की कलम से,,,
मंहगाई बेरोजगारी से परेशान जनता याद कर रही है पुराने दिन देश की जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है,,,,,
सात साल बीत गए देश की जनता पूछ रही है कब आएगा अच्छा दिन 2014 से पहले पेट्रोल,65/गेश 450/लोग अच्छे से जीवन यापन कर रहे थे तब भा ज पा को लगा कि ऐसा ही चलता रहेगा तो भाजपा केंद्र में सरकार नहीं बना पाएगी तब भाजपा ने 2014 का आम चुनाव जीतने की तरकीब निकाली तब पार्टी ने एक नायाब हीरा खोज लिया मोदी के रूप में।तीन दिन के मैराथन मीटिंग में पार्टी प्रेसिडेंट राजनाथ सिंह ने ऐलान कर दिया कि मोदी के अगुआई में लोकसभा चुनाव लडा जाएगा साथ ही अगर भाजपा का बहुमत आ गया तो मोदी ही प्रधानमंत्री होंगे
फिर क्या था मोदी जी के हाथ कारू का खजाना लग गया तीन पंच वर्सी गुजरात के मुख्य मंत्री रहे अनुभवी राजनेता जो भारत के आवाम का नब्ज बहुत अच्छी तरह समझते थे
चुनावी मुद्दा बनाया ,,,मंहगाई, परिवारवाद,,बेरोजगारी,,काला धन,,कांग्रेस मुक्त भारत,,राम मंदिर,,370 ख, ए35 कश्मीर,,आतंकवाद,,देश की जनता को बहलाने के लिए इतना बहुत था किसी को क्या पता था कि ये मुद्दा नही जुमलेबाजी थी लोगों ने सब कुछ सच मानकर मोदी जी को देश का बागडोर सौप दिया फिर प्रारम्भ हुआ मोदी जी का जन विरोधी राजनीतिक खेल ,,,,,पन्द्रह लाख खाते में,,,
पहले पंच वर्षिय में ,नोट बन्दी,जीएस टी ,,विदेश दौरा,, नमस्ते ट्रम्प,सर्जिकल इस्ट्राइक,, अच्छे दिन आएंगे,,आजादी से आज तक जितने प्रधान मंत्री बने सब मिलकर उतना विदेश दौरा नही किया जितना मोदी ने किया मोदी जी के दीवाने हो गए भारत वासी,18 से 20 प्रदेशों में बीजेपी की सरकार बन गई
लगता था कि भारत में विपक्ष है ही नही फिरतो,,हर हर मोदी घर घर मोदी,,सचमुच दिखने लगा घमण्ड इतना कि इनके ख़ास शाह ने तो यहां तक कह दिया कि भाजपा को 50 साल तक कोई हिला नही सकता
अब आया 2019 का लोकसभा चुनाव जनता ने फिर एक बार देश हित में अपना विस्वास मोदी पर दिखाया जनता समझ नही पाई और यही भूल कर गई प्रचण्ड बहुमत लेकर बीजेपी पुनः दूसरी बार सत्तासीन होगई दूसरे कार्यकाल में नरेंद्र भाई मोदी अपने प्लानिंग के साथ खुल कर अपनी असलियत के साथ राजनीतिक मैदान में आये अच्छे दिन की शुरुवात हुई ,,,,डीज़ल, पेट्रोल 100 पार,,बेरोजगारी की संख्या में इजाफा,,गैस सिलेंडर 1000,डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी कमजोर,,पुलवामा कांड जिसके अपराधी का आज तक पता नही चला,,आज मंहगाई आसमान छू रही है सरकारी संस्थाओं का निजी करण,, मेहुल चौकसे,,माल्या कांड,देश को करोड़ो का चूना लगा गए,,राफेल खरीदी,उद्योग पतियों को सीधे फायदा दिलाना,,कोरोना के नाम पर प्रधान मंत्री कोष में खरबों रुपये का डोनेशन गया जिसका कोई हिसाब नही,कुछ नेशनल न्यूज चैनल वालों को धन्यवाद जिन्होंने मोदी जी को इस मुकाम तक पहुचने में अहम भूमिका निभाई,बहुत सारी बातें हैं जिसे पूरा देश जानता है लिखने की जरूरत नही है,
इतना सब देखने के बाद देश की आवाम को समझ में आया कि अगर मोदी जी तीसरी बार केंद्र में आगये तो देश बर्बाद हो जाएगा फिरतो जनता जनार्दन ही है जनता समझती ही कि देश को कैसे बचाना है इसी बीच कई प्रदेशों में विधान सभा चुनाव हए जिसमे कई राज्यों से बीजेपी को खदेड़ दिया गया आखरी पश्चिम बंगाल में एक अकेली महिला ममता ने बीजेपी को बंगाल से बाहर किया जिसमें बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी थी फिर भी हार का मुंह देखना पड़ा ये अग्रिम सूचना है मोदी जी को 2024 के आम चुनाव में जनता क्या करना चाहती है जो शासक अपने अन्नदाता का महत्व न समझे उसे तो भगवान भी माफ नही करेंगे कहते हैं अति का अंत होता ही है यही जनता है जिसने 40 साल राज करने वाली कांग्रेस को उखाड़ फेंका था। फिर तो मोदी जी क्या चीज है जिनके सत्ता का बुनियाद ही जुमला है
अब इनका आखरी पड़ाव उत्तरप्रदेश है अगर उत्तरप्रदेश विधान सभा बीजेपी हारती है तो ये 2024 के आम चुनाव का परिणाम बीजेपी के खिलाफ जयेगा फिर तो मोदी जी को अपने ही कथनानुशार झोला लेकर निकलना पड़ेगा रानीतिक हवा का रुख बता रहा है शायद कुछ एसा ही होने वाला है ये हम नही प्रदेशों के चुनाव परिणाम बता रहे है अब मोदी जी के पास हिन्दू मुस्लिम के अलावा कोई मुद्दा ही नही ही जिसे पूरा देश सिरे से नकार देगा अब जनता धोखा नही खाने वाली
ये पब्लिक है सब जानती है,,
कुछ उपलब्धियां है मोदी सरकार की हल्की उससे जनता को कोई खास फायदा नही है जैसे,, शौचालय जहां देहात में कंडे रखे ज रहे है,,6000 रुपये किसानों के खाते मैं जो बेंक का चक्कर काटने में पेट्रोल में खर्च हो जाते है पटेल जी की 3000 करोड़ की मूर्ति,,सर्जिकल इस्ट्राइक,,इनको कौन याद दिलाये मोदी जी गोआ को भारत के आजादी के 14 साल बाद नेहरू जी ने पुर्तगालियों से आजाद कराया था और भारत में विलय किया था दूसरा वो इंदिरा गांधी थी जिसने अपने कार्यकाल में पाकिस्तान के दो टुकड़े किये थे तब जाकर बंगला देश बना था इतना बड़ा काम करके कभी भी उन्होंने इसे चुनावी मुद्दा नही बनाया था मोदी जी तो उरी, पुलवामा,सर्जीकल इस्ट्राइक, को भी चुनावी मुद्दा बनाने से नही हिचकते एक नाचने वाली कलाकर आजादी को भीख में मिली है कहती है उसपर देश के प्रधान मंत्री कोई प्रतिक्रया नही देते आखिर क्यों ।राहुल के विदेश दौरे पर चैनलों में डिबेट होता है क्या हो रहा है राम कृष्ण के देश में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तो मोदी जी को देश का बाप और भगवान बताते है ,,अब तो भगवान बी इनको सबक सिखाएंगे,