बचेड़ी होकर गुजर रहे ओवरलोड ट्रक, पीएमजीएसवाई सड़क बर्बादी की कगार पर सहसपुर लोहारा–बड़ौदा बांध में खप रहा बिना रॉयल्टी का पत्थर

बचेड़ी होकर गुजर रहे ओवरलोड ट्रक, पीएमजीएसवाई सड़क बर्बादी की कगार पर सहसपुर–बड़ौदा बांध में खप रहा बिना रॉयल्टी का पत्थर
स.लोहारा,कवर्धा। तालपुर गिट्टी खदान से हो रहा अवैध खनन अब पूरी तरह बेकाबू हो चुका है। बिना रॉयल्टी और बिना वैध दस्तावेजों के निकाले जा रहे बड़े-बड़े पत्थरों की ढुलाई के लिए ग्राम बचेड़ी को मुख्य ट्रांजिट रूट बना दिया गया है। रोजाना भारी और जरूरत से ज्यादा ओवरलोड ट्रक बचेड़ी गांव से होकर सहसपुर लोहारा की ओर बेखौफ गुजर रहे हैं, लेकिन खनिज विभाग अब तक मौन साधे बैठा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रक ड्राइवरों ने खुद यह कबूल किया है कि पत्थर बिना रॉयल्टी के ले जाया जा रहा है और यह सामग्री सहसपुर–बड़ौदा क्षेत्र में बन रहे बांध के निर्माण कार्य में खपाई जा रही है। सवाल उठता है कि सरकारी या अर्द्ध-सरकारी निर्माण कार्यों में अवैध खनन का माल आखिर किसके संरक्षण में उपयोग किया जा रहा है?
ग्राम बचेड़ी से गुजरने वाले इन ओवरलोड ट्रकों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। सड़क पर गहरे गड्ढे, दरारें और धंसान साफ दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद खनिज विभाग, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने आंख मूंदे रखी, जिससे यह संदेह और गहराता जा रहा है कि कहीं न कहीं विभागीय मिलीभगत से ही यह अवैध पत्थर परिवहन फल-फूल रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है—
ग्राम बचेड़ी से रोज गुजर रहे ओवरलोड ट्रकों की जानकारी खनिज विभाग को नहीं है, यह कैसे संभव है?
बिना रॉयल्टी इतने बड़े पैमाने पर पत्थर ढुलाई की अनुमति किसने दी?
सड़क टूटने और राजस्व हानि की जिम्मेदारी कौन लेगा?
यदि समय रहते इस अवैध खनन और ढुलाई पर रोक नहीं लगाई गई, तो ग्राम बचेड़ी की सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी और शासन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
अब ग्रामीणों की मांग है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना रॉयल्टी परिवहन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाए, अन्यथा आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।


