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कुंडा क्षेत्र को फिर एक बार छला गया..जनता में भारी निराशा एवं आक्रोश

कुंडा क्षेत्र को फिर एक बार छला गया..जनता में भारी निराशा एवं आक्रोश

AP न्यूज़ पंडरिया

कवर्धा कुंडा छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा राज्य में 25 तहसीलों का वर्चुअल उद्घाटन किया उसमें कुंडा का नाम शामिल नहीं होने से कुंडा क्षेत्र की जनता में भारी निराशा एवं आक्रोश व्याप्त है उक्त बातें वरिष्ठ राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता संतोष चंद्राकर ने कही ज्ञात हो कि सन 2018 के विधानसभा चुनाव के पहले भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में कुंडा को तहसील बनाने की घोषणा की गई थी। उसे राजपत्र में प्रकाशित भी करवा दिया गया परंतु तहसील का उद्घाटन नहीं किया गया जिसके चलते आज दिनांक तक 88 गांव के 240 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ कुंडा क्षेत्र आजादी के बाद से ही विकास से कोसों दूर है इस क्षेत्र को भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस के नेता अपने चारागाह समझते हैं। इसलिए यहां दोनों राजनीतिक दलों के नेता अपने अपने कार्यकर्ताओं के यहां छठी बरही मरनी हरनी धार्मिक कार्यों तिहारो शादी ब्याह में आकर होली दीपावली में उपहार बांट कर अपना चेहरा चमकाने में लगे रहते हैं ।और क्षेत्र में अपना कुछ चाटुकार पाल कर रखे हुए हैं वहां उन्हें सूचना प्रदान करने का कार्य करते हैं उन राजनीतिक नेताओं को कुंडा क्षेत्र के विकास से कोई मतलब ही नहीं है,1,कुंडा क्षेत्र की जनता को अच्छा स्वास्थ्य सुविधा कुंडा स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करके यहां सर्जनों की पदस्थी थी ,2,किसानों को सिंचाई सुविधा रेंगाबोड महली हाफ नदी में डायवर्शन से खेतों में किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल रही है कि नहीं और दूसरे तट के बनने से कितने ग्रामों के कितने हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा ,3,कुंडा में महाविद्यालय एवंआईटीआई की सुविधा कुंडा में महाविद्यालय नहीं होने से कितने गरीब छात्र छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं आईटीआई नहीं होने से गरीब लोग के कार्य करने को मजबूर हैं 4 आवागमन की सुविधा आदि मिलता है कि नहीं इससे इन लोगों को कोई मतलब नहीं है, सन 1862,63 में बना हुआ बिलासपुर मंडला मार्ग को फास्टरपुर कुंडा मोहगांव बोडला से डायवर्ट कर के वहां से पंडरिया में पांडातराई पौड़ी होकर राष्ट्रीय राजमार्ग क्यों घोषित किया गया है क्षेत्र की जनता जब मनोरंजन सांस्कृतिक कार्यक्रम से ही खुश होकर जय जय कार करने को तैयार है तो राजनेता क्यों चाहेंगे समस्या का निराकरण हो क्षेत्र की जनता को भी चाहिए ऐसे राजनेताओं का बहिष्कार करें क्षेत्र की जनता को इन सभी मुद्दों को लेकर सर्वदलीय बैठक करके क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को चिन्हाकित करते हुए उनके निराकरण का प्रयास करना चाहिए अन्यथा आज प्रयत्न तक विकास की गाथा से कोसों दूर इस कुंडाक्षेत्र में समस्याओं के गर्त में ही रहेगा।

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