हिन्दू नववर्ष के शुभअवसर पर पंडरिया नगर में प्रभातफेरी निकली गई..तोरण-पताका से सजाकर भगवामय कर दिया गया है

हिन्दू नववर्ष के शुभअवसर पर पंडरिया नगर में प्रभातफेरी निकली गई..तोरण-पताका से सजाकर भगवामय कर दिया गया है
AP न्यूज पंडरिया
चैत्र प्रतिपदा शुक्लपक्ष विक्रम सम्वत २०८० को हिन्दू नववर्ष के शुभअवसर पर नगर में प्रभातफेरी निकली गई जिसमें नगर के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में भजन कीर्तन के साथ पर्व को मनाया गया। दुल्हन की तरह नगर को तोरण- पताका से सजाकर भगवामय कर दिया गया है।
सायं में भगवान श्रीरामचन्द्र जी का विशाल भव्य झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। जो नगर के महामाया मन्दिर से प्रारम्भ होकर बैरासिन चौक, गांधी चौक, पुराना बस स्टैंड, घोघरा पारा चौक होते गांधी चौक में माँ भारती एवं श्रीरामचन्द्र जी की आरती उतारी गई। इस अवसर पर हजारों की संख्या में नगर की माताएं, बहने एवं युवाओं ने धुमाल एवं डीजे के गीतों पर खूब थिरके।
गांधी चौक में नगर के प्रबुद्धजनों एवविभिन्न समाज के प्रमुखों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए श्री सन्तोष जैन ने कहा कि हिंदुओं के विभिन्न पर्वों में इस पर्व का विशेष महत्व है जो आदिशक्ति जगदम्बा के नौ रूपों की आराधना का होता है जिसका हमें बड़े ही सादगी के साथ मनाना चाहिए। श्री गुरुनाम सिंह छाबड़ा जी ने कहा कि सिक्ख समाज हिन्दू सनातन संस्कृति का ही एक अंग है, ये कोई अलग न होकर हम सब एक हैं, आगे कहा कि सिक्ख परम्परा के द्वितीय गुरु श्री अंगदेव जी का जन्म आज के ही दिन हुआ था। भारत के प्राचीन इतिहास में हमने बहुत कुछ खोया है, जो सिक्ख गुरुओं के बलिदान का ही प्रतिफल है कि हमारा जो सनातन संस्कृति आज सुरक्षित है। गुरुग्रंथ साहिब में भगवान श्रीराम, माता सीता एवं श्रीकृष्ण जी का 1200 बार नाम का उल्लेख हुआ है।
इसप्रकार से श्री नवलकिशोर पाण्डेय जी ने राजा विक्रमादित्य के द्वारा विक्रम सम्वत के प्रारंभ, भगवान श्रीरामचंद्र जी के राज्याभिषेक, महाराज युधिष्ठिर का राज्याभिषेक, आरएसएस के संस्थापक श्री केशव बलीरामराम हेडगेवार जी के जन्मदिन, भगवान झूलेलाल जी के जन्मदिवस आदि के महत्व एवं उनके उद्देश्यों से उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित किया। इस अवसर पर श्री राममुरारी यादव, श्री चन्द्रकुमार सोनी, श्री पद्मराज टण्डन, श्री शैलेन्द्र साहू, श्री ओमप्रकाश गुप्ता जी आदि के द्वारा सम्बोधित किया गया। आभार व्यक्त तेजप्रकाश तिवारी जी के द्वारा “धर्म ध्वज हाथ म, सब समाज साथ म एकता के मंत्र हम गूँजबो, भारत ल विश्व गुरु बनाबो” के गीत के साथ किया। कार्यक्रम का संचालन रघुनंदन गुप्ता के द्वार किया गया।