राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी की जनगणना उतना ही आवश्यक है जितना कि भूखे व्यक्ति को भोजन

राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी की जनगणना उतना ही आवश्यक है जितना कि भूखे व्यक्ति को भोजन
गुलाम भारत में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना हो सकती है तो आजाद भारत में क्यों नहीं?- ओबीसी राधेश्याम
90 साल बाद आजाद भारत में ओबीसी की जनगणना नहीं हो पाना इस देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य -ओबीसी महासभा
ओबीसी महासभा राष्ट्रीय जनगणना के मुद्दे को लेकर हुए लामबंद

राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी की जनगणना उतना ही आवश्यक है जितना कि भूखे व्यक्ति को भोजन
2021 की राष्ट्रीय जनगणना कराने में सरकार विफल -ओबीसी महासभा
ओबीसी महासभा प्रदेश इकाई छत्तीसगढ़ के आह्वान पर प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशन में छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिलों में राष्ट्रीय जनगणना फॉर्मेट में ओबीसी का पृथक से कोड नंबर निर्धारित कर जनगणना कराने की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री ,माननीय गृहमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग एवं माननीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री भारत सरकार नई दिल्ली के नाम कलेक्टर /एसडीएम/ तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। अवगत हो कि संविधान में सामाजिक तथा शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े हुए समुदायों को अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में 3 वर्ग बनाए गए हैं।
जनगणना में इन तीनों वर्गों की दशाओं के आंकड़े एकत्रित किए जाने चाहिए ।अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जनगणना तो होती है किंतु राष्ट्रीय राष्ट्रीय जनगणना फॉर्मेट के कॉलम में अन्य पिछड़ा वर्ग का पृथक से कोड नंबर नहीं होने के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग की गणना नहीं होती है जिससे सरकार की संवैधानिक प्रतिबद्धता अपूर्ण रह जाती है। संविधान के अनुच्छेद 340 के परिपालन में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए गठित आयोगों (काका कालेलकर आयोग ,मंडल आयोग व मध्य प्रदेश रामजी महाजन आयोग) द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना कराये जाने बाबत अनुशंसाएँ की गई है, तदनुसार इस हेतु संसद में बनी सहमति के आधार पर राष्ट्रीय जनगणना 2011 में पृथक से अन्य पिछड़ा वर्ग के आंकड़े एकत्र करने के प्रयास किए गए ,किंतु आज पर्यंत आंकड़े जारी नहीं किए गए ।
प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि ओबीसी महासभा द्वारा लंबे समय से प्रतिमाह ज्ञापन देकर राष्ट्रीय जनगणना 2021 के जनगणना फॉर्मेट में ओबीसी का कालम बनवाने शासन प्रशासन से निवेदन किया जाता रहा है लेकिन पूर्व की भांति इस बार भी राष्ट्रीय जनगणना फॉर्मेट के कालम नंबर 13 में अन्य पिछड़ा वर्ग का पृथक से कोड नहीं है फलस्वरुप ओबीसी वर्ग की जनसंख्या तथा उसकी परिस्थितियों का आकलन नहीं हो पाएगा ।उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय जनगणना 2021 के जनगणना फॉर्मेट के कॉलम नंबर 13 में ओबीसी के लिए पृथक से कोड नंबर 3 शामिल कर विगत 2 वर्षों से लंबित राष्ट्रीय जनगणना आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव को देखते हुए शीघ्रातिशीघ्र किया जावे एवं जनगणना उपरांत आंकड़े प्रकाशित किया जाए, जिससे ओबीसी समाज भारत देश के नागरिक( मतदाता) होने के नाते जनगणना के अनुपात में हिस्सेदारी प्राप्त कर सके।
ओबीसी महासभा जिला कबीरधाम के द्वारा आज तहसीलदार श्री उपेंद्र किंडो जी को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें प्रदेश सचिव आनंद ,प्रदेश पदाधिकारी कौशल ,जिलाध्यक्ष बालाराम, उपाध्यक्ष जीवन कौशिक ,महामंत्री हरीश, महामंत्री भूपेंद्र , प्रेमचंद जितेंद्र निषाद जिला महासचिव भुनेश्वर हिरेंद्रवार और बहुत संख्या में ओबीसी महासभा के लोग उपस्थित रहे,,,


