ना राशन कार्ड से नाम काटा जा रहा है ना बीपीएल से एपीएल करने का कारण बताया जा रहा है


ना राशन कार्ड से नाम काटने आवेदन लिया जा रहा है ना ही बीपीएल कार्डों को एपीएल ट्रांसफर करने का कारण बताया जा रहा है
राशन कार्ड से अपना नाम हटाने आवेदन लेकर आवेदक भटक रहे हैं साथ ही बीपीएल और अंत्योदय राशन कार्ड को किसी प्रकार की जांच किए बगैर एपीएल के रूप में ट्रांसफर कर देने के कारण जिले के सैकड़ों व्यक्ति प्रतिदिन जिला खाद्य अधिकारी के कार्यालय में आवेदन लेकर भटक रहे हैं लेकिन जिला खाद्य अधिकारी के द्वारा न तो आवेदकों से आवेदन लिया जा रहा है और ना ही पुराने राशन कार्ड से नाम काटा जा रहा है और ना ही बीपीएल अंत्योदय राशन कार्डों को एपीएल के रूप में ट्रांसफर करने का कोई कारण बताया जा रहा है
विगत 8- 10 वर्षों में बहुत से परिवारों में विघटन या अपने माता-पिता से अलग होने के कारण पुराने राशन कार्ड से अपना नाम हटवा कर अपना नया राशन कार्ड बनवाना चाहते हैं लेकिन पुराने राशन कार्ड से नाम नहीं काटने के कारण नया आवेदन नहीं कर पा रहे हैं
साथ ही साथ इन वर्षों में बहुत सारे बहनो का विवाह उपरांत अन्य स्थानों में चले जाने के कारण वह अपना पुराने राशन कार्ड से नाम हटाना चाहते है लेकिन जिला खाद्य अधिकारी के द्वारा ना नाम हटाया जा रहा है ना ही आवेदन स्वीकार किया जा रहा है
साथ ही इन व्यक्तियों का आवेदन जनपद और ग्राम पंचायतों में नहीं लेने हेतु आदेशित किया गया है जिसके चलते गांव-गांव से आवेदक अपना आवेदन लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय कवर्धा का चक्कर लगा रहे हैं
उक्त विषय को लेकर आज भाजपा के प्रदेश मंत्री जिला पंचायत सभापति श्री विजय शर्मा एवं भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी गांव गांव से आये आवेदकों के साथ खाद्य अधिकारी से मिलकर कारण जानना चाहा तो खाद्य अधिकारी बिना कोई कारण बताए उठकर चले गए और अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ कर दिए
घंटो घंटो इंतजार करने के बाद भी अधिकारी के नहीं आने एवं आवेदन को स्वीकार नहीं करने पर अंततः निराश होकर गांव गांव से आए आवेदकों को वापस अपना घर लौटना पड़ा
खाद्य अधिकारी के मनमानी एवं हिटलर शाही रवैया के चलते राशन कार्ड के लिए आवेदक भटकने मजबूर हैं


