विधायक भावना बोहरा को लड्डुओं से तौला, जानिए क्या है खुशी की वजह

विधायक भावना बोहरा को लड्डुओं से तौला, जानिए क्या है खुशी की वजह

टीकम निर्मलकर AP न्यूज़ पंडरिया : कवर्धा: कबीरधाम जिले के लोगों की दशकों से मांग थी की पांडातराई को उप तहसील बनाया जाए. सालों पुरानी मांग को शासन ने आखिरकार पूरा कर दिया. भावना बोहरा ने उप तहसील कार्यालय का उदघाटन भी कर दिया है. पांडातराई को उप तहसील का दर्जा मिलने के बाद लोग काफी खुश हैं. स्थानीय लोगों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा को लड्डुओं से तौला.
विधायक भावना बोहरा को लड्डुओं से तौला: पांडातराई को उप तहसील का दर्जा मिलने से लोगों में काफी खुशी है. खुशी के इस मौके पर लोगों ने स्थानीय विधायक को धन्यवाद देने के साथ उनको लड्डुओं से तौला. इस मौके पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि पांडातराई उप तहसील की स्थापना से क्षेत्र के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. अब नागरिकों को अपने भूमि एवं राजस्व से संबंधित कार्यों के लिए पंडरिया या कवर्धा तक नहीं जाना पड़ेगा. जमीन का नामांतरण, सीमांकन, नक्शा सुधार और बंटवारे जैसे कार्य अब स्थानीय स्तर पर ही हो सकेंगे, जिससे आम जनता का समय और धन दोनों की बचत होगी.
जमीन से जुड़े हर छोटे बड़े कामों के लिए पहले किसानों और ग्रामीणों को कवर्धा और पंडरिया तक जाना पड़ता था. उप तहसील का दर्जा मिलने से अब हर काम पांडातराई में ही हो जाएगा. शासन की ओर से बड़ी राहत किसानों को दी गई है. सालों से लोग इस सुविधा की मांग कर रहे थे. शासन ने उनकी लंबित मांग को पूरा कर बड़ी राहत दी है:भावना बोहरा, विधायक, पंडरिया
राजस्व विभाग के आय में होगा इजाफा: विधायक ने कहा कि पांडातराई को उप तहसील का दर्जा मिलने से राजस्व के कामों में तेजी आएगी. राजस्व विभाग का आय भी बढ़ेगा. राजस्व बढ़ने से छत्तीसगढ़ और जिले का विकास भी पूरा होगा. स्थानीय लोगों ने पांडातराई को उप तहसील का दर्जा दिए जाने पर खुशी जाहिर की. ग्रामीणों का कहना था कि सालों से वो इसकी मांग कर रहे थे जो आज जाकर पूरा हुआ.
उप तहसील का दर्जा मिलने से होंगे ये फायदे
सरकारी कामों में आएगी तेजी:उप-तहसीलों के खुलने से आम नागरिकों को अपने गांव और खेड़े में ही सरकारी कार्य जैसे जमीन की रजिस्ट्री, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, और विभिन्न शपथ पत्र बनवाने की सुविधा मिलती है.
समय और पैसे की बचत:दूर के शहरों या तहसीलों में जाकर लंबी लाइनों में लगने के बजाए, लोग कम समय और कम खर्च में अपने काम करवा सकते हैं.
प्रशासनिक कार्यों का विकेंद्रीकरण:उप-तहसील के खुलने से मुख्य तहसील कार्यालयों में होने वाली भीड़ अपने आप कम हो जाती है. लोग आसानी से अपना काम करा पाते हैं.
रोजगार के अवसर:उप-तहसील में नायब तहसीलदार, क्लर्क, सेवादार, चौकीदार और स्टाम्प विक्रेता जैसे विभिन्न पदों पर कर्मचारी नियुक्त किए जाते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होते हैं.
स्टाम्प पेपर की उपलब्धता:उप-तहसीलों में स्टाम्प पेपर भी मिलते हैं, जिससे लोगों को बार-बार स्टाम्प विक्रेताओं के पास नहीं जाना पड़ता.

