कवर्धा: आज चारो तरफ लाश है, चिता तक नहीं जला पा रहे। परिजन इसकी पूरी गलती क्या डाक्टर की है जिस प्रकार आज आए दिन डाक्टर व हॉस्पिटल की गलती लोग निकाल रहे है। _अभिताब नामदेव


कवर्धा: आज चारो तरफ लाश है, चिता तक नहीं जला पा रहे। परिजन इसकी पूरी गलती क्या डाक्टर की है जिस प्रकार आज आए दिन डाक्टर व हॉस्पिटल की गलती लोग निकाल रहे है। :अभिताब नामदेव
आज हम सब घरों में लाक डाउन में बैठे है, सरकार, पुलिस इसका पालन करवाने में जुटी है।
वही दूसरी तरफ आप सोचिए ,अगर आपके आसपास भी कोई कोरोना मरीज निकलता है तो आप डर जाते है ,उसी पड़ोसी से बात करना तक पसंद नहीं करते ,दरवाजा में ताला लगा लेते है,क्यू सच कह रहा हु ना…खैर ये बात तो हुई अपनी सुरक्षा के चलते ,आज चारो तरफ यही खबरे चल रही है टीवी में मोबाइल में , कि फलाना हॉस्पिटल में लूट मचा रखी है,कोई जगह इंजेक्सन की ब्लैकमेलिंग चल रही है, डाक्टर की लापरवाही से जान गई ।डाक्टर स्टाफ ने ये किया ,वो किया सब तरफ से दोषी आज डाक्टर ही व हॉस्पिटल ही है, क्यू सच कह रहा हु ना..
क्या कभी आपने टिक इसका उल्टा सोच कर देखिए।
आज आपके कोई परिवार जन पहचान वाले,तक जहा पर मदद नही कर पा रहे,पैसे देकर भी आप अपने आप को बचा नही पा रहे है।अगर आपका संपूर्ण परिवार इष्ट मित्र सुरक्षित हो बचे हो इस छूत की महामारी से तो ये एक चमत्कार है।
आज अगर कोई आपके मित्र को कोरोना हो जाए तो आप बस उसको फोन पर ही एक डाक्टर की तरह सलाह तो दे सकते है। परंतु क्या आप उनके पास जाकर उसकी देखभाल या किसी प्रकार की सेवा कर सकते है।
आज किसी भी धर्म के मानने वाले के भगवान भी अभी किसी को बचा पा रहे है शायद प्राकृतिक आपदा के साथ हुए खिलवाड़ के कारण ही हमारे भगवान भी मौन बने बैठे है, ना पैसे के बल पर आप बच सकते ना कोई आपकी जरा सी भी मदद नही कर सकता पैसा , क्यू सच कह रहा हु ना.आज आपको कोई बचाने में अपनी जान तक की परवाह नही करते हुए आपको आपके अपनो को बचाने के लिए सबसे आगे है वो है सिर्फ डाक्टर जो अपनी परिवार के परवाह किए बिना आपके हमारे परिवार को बचाने के लिए भरी बीमारी के बीच में जाकर अपनी सेवाए दे रहे है ,क्यू सच कह रहा हु ना….?
आज आप भी मेरे साथ एक प्रण ले “जिस भी डाक्टर को आप जानते है, उन को एक सैल्यूट भेजे
अगर हॉस्पिटल में जाते है वहा के कर्मचारी,सफाई कर्मी किसी को भी एक शब्द जरूर बोले “आप महान है आपका कार्य व सेवा अतुलनीय है मैं आपके सेवा की तुलना में आपको सैल्यूट करता हु” या अपनी भाषा में ही उनका सम्मान करे ,उनका हौसला बढ़ाये ,क्यों सच कह रहा हु ना” ।
लेखक_अभिताब नामदेव जिलाध्यक्ष पत्रकार व सामाजिक 9425569117



