
कर्नाटक की 6 करोड़ जनसंख्या में से करीब तीन फीसदी ब्राह्मण समुदाय की है। राज्य में ब्राह्मण विकास बोर्ड द्वारा शुरू की गई ये दोनों योजनाएं कांग्रेस सरकार द्वारा साल 2013 में शुरू की गई शादी भाग्य स्कीम की तर्ज पर है, जिसके तहत गरीब अल्पसंख्यक परिवारों से आने वाली महिलाओं की शादी के लिए 50,000 रुपये की मदद की जाती थी।