

मुख्यमंत्री का कहना है….. जब अधिकारी मुख्यमंत्री सचिवालय का ही फोन नहीं उठा रहे, तो जनता के साथ कैसे पेश हो रहे होंगे..
उत्तरप्रदेश। उत्तर प्रदेश में हर जगह से बड़े अधिकारियों द्वारा जनता का फोन ना उठाने की शिकायत सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पारा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। एक दिन अचानक उन्होंने इन शिकायतों का परीक्षण करने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों को समूचे उत्तर प्रदेश के सभी जिला दंडाधिकारियो, कलेक्टरों पुलिस महानिरीक्षकों, और पुलिस अधीक्षकों को फोन लगाने का निर्देश दिया। विडंबना है कि मुख्यमंत्री सचिवालय से फोन करने पर भी कई जिले के कलेक्टर पुलिस अधीक्षकों ने फोन नहीं उठाया। इससे नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री सचिवालय का फोन न उठाने वाले कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों समेत वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए,तत्काल जवाब मांगा है। उत्तर प्रदेश के जिन जिलों के कलेक्टरों ने मुख्यमंत्री द्वारा सचिवालय से किया गया फोन नहीं उठाया उन्हें प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, वाराणसी,आजमगढ़, मऊ, झांसी, कानपुर देहात, कानपुर, औरैया, कुशीनगर, गोंडा, जालौन, बलरामपुर, पीलीभीत, अमरोहा, हापुड़, गोरखपुर, फिरोजाबाद, सिद्धार्थ नगर, संत कबीर नगर, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, कन्नौज, बदायूं और गाजियाबाद के जिला दंडाधिकारी शामिल हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री सचिवालय से किए गए फोन को नहीं उठाने वाले कमिश्नरों में वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और बरेली के कमिश्नर शामिल रहे हैं।मंत्री सचिवालय से इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।