
- गहलोत बोले- सरकार को किसी भी कीमत पर गिराने का प्रयास हो रहा था, लेकिन एक आदमी छोड़कर नहीं गया
- हमारे विधायकों ने एकजुटता दिखाई, जिससे भाजपा का अहंकार टुट गया
- राजस्थान में खत्म हुए सियासी घमासान पर मंगलवार को मुख्यमंत्री गहलोत की पहली प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और भाई चारा रहे। हाईकमान ने सब तय किया है। कल जो फैसले हुए हैं, वो बता दिए जाएंगे। जिसके बाद आगे की रणनीति अब बनेगी। भाजपा के नेताओं ने पूरा जोर लगा लिया। एक आदमी टूटकर नहीं गया। पूरा षडयंत्र किया। सरकार को किसी भी कीमत पर गिराने का प्रयास हो रहा था, लेकिन एक आदमी छोड़कर नहीं गया।
गहलोत बोले- सभी ने हाईकमान पर विश्वास रखकर होटल में रहना स्वीकार किया। जो लोग आए हैं, वो किन परिस्थितियों में गए हैं। मुझसे क्या नाराजगी है। आज अगर मैं मुख्यमंत्री हूं, अगर मेरी पार्टी के लोग नाराज हैं तो मेरी जिम्मेदारी है उनसे बात करूं। इसके अलावा भाजपा को मूं की खानी पड़ी है। देश के अंदर राजस्थान की जनता ने एकजुटता दिखाई।
- भाजपा पर साधा निशाना
भाजपा नेताओं की धज्जियां उड़ी हैं। तीन प्लेन इन्होंने बुक किए। एक जा सकता। मीटिंग बुलाई गई। अचानक कैंसिल कर दी। इनकी दुर्गति हुई याद रखेंगे। हमारे विधायकों ने एकजुटता दिखाई, जिससे भाजपा का अहंकार टुट गया है। अभी संकट लोकतंत्र को बचाने का है। जयपुर में क्या-क्या हो रहा है। कांग्रेस में सभी फैसले जनता के हिसाब से होते थे। अब जो सरकार आई है वो जनता के बारे में सोचते ही नहीं है। धर्म की राजनीति कर रहे हैं।
5 साल चलेगी सरकार
राजनीति में समय-समय पर हम बात करते हैं। पार्टी एकजुट रहेगी। 5 साल तक शासन करेगी। फिर जीत कर आएंगे। सरकार बहुमत पहले भी थी। आगे भी रहेगी।


