वेन वाले गुरुजी के नाम से प्रसिद्ध ..शास.प्राथ.स्कूल गुंझेटा बनी जिले की पहचान

वेन वाले गुरुजी के नाम से प्रसिद्ध ..शास.प्राथ.स्कूल गुंझेटा बनी जिले की पहचान
कुंडा – वैसे तो गुंझेटा का सरकारी स्कूल अन्य गांव की स्कूल तरह ही है,लेकिन यहां की शिक्षा पद्धति अन्य गांव के पालकों और विद्यार्थी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। यहां प्रोजेक्टर से पढ़ाई की जाती है और छोटे बच्चों को भी कम्प्यूटर की शिक्षा प्रदान की जाती है। कम स्टाप में भी विशिष्ट शिक्षा पद्धति गुंझेटा स्कूल की पहचान बन गई है। यही कारण है की पदस्थ शिक्षक भरत कुमार डोरे विभिन्न राज्यों गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सरकार के हाथों सम्मानित हो चुके है। पंडरिया विकासखंड के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला गुंझेटा में इस वर्ष 111 बच्चे पढ़ाई कर रहे है। जिसमें से 70 बच्चे गांव के 41 बच्चे अन्य गांव बघर्रा, महली, रेंगाबोड, और लालपुर, खरहट्टा,सकरी बिलासपुर के बच्चें अपने रिश्तेदार के यहां रहकर पढ़ाई करते है। गुंझेटा में विशिष्ट शिक्षा पद्धति के चलते हर साल दर्ज में बढ़ोत्तरी हो रही है। यहां रोजाना प्रोजेक्टर से पढ़ाई,कंप्यूटर शिक्षा,नवाचार का उपयोग होने के चलते बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बनी रहती है। यही कारण है की रोजाना 90 से 95 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति बनी रहती है। यहां शाला त्यागी और सतत् अनुपस्थित बच्चों की संख्या शून्य है। यहां प्रधान पाठक के अलावा एक ही शिक्षक पदस्थ है कम स्टाफ में पढ़ाई कैसे कराई जाती है यह करके दिखा दिया है।
खुद के बच्चे को अपने स्कूल में पढ़ा रहे है
सामान्य तौर पर देखने को मिलता है की एक सरकारी स्कूल के टीचर अपने बच्चो को अंग्रेजी मीडियम या प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई करवाते है। लेकिन शिक्षक भरत कुमार डोरे ने अपनी बच्ची को अपने ही स्कूल में पढ़ाई करा रहे हैं। अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक है।
शिक्षकों का प्रभाव अन्य स्कूलों में
आपको बता दे कि जिले में पहला स्कूल था जो कि आकर्षक प्रिंट रिच और भौतिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय के रूप में 2014-15 में उभरी । तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण ने अपनी ट्यूटर में पोस्ट किया था। जिससे बहुत ख्याति मिली ।इस स्कूल के देखा देखी में खम्हरिया, माकरी,केशलमरा, रेंगाबोड़, झिरिया खुर्द, केशली गोड़ान,सोमनापुर नया , बंशापुर ने अपने स्कूलों को प्रिंट रिच बनाया। यहां सत्र 2019 से मास मिडिया अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग कर कर रहे हैं जो बच्चों के अधिगम में परिलक्षित हो रहा है। जो हमारे जिले के लिए गौरव की बात है। वेन वाले गुरुजी के नाम से प्रसिद्ध भरत डोरे के इच्छा शक्ति का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी की तारीफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ शासन ने नवभारत में छपी खबर सरकारी स्कूल बना बेमिसाल सुविधाओं में दी निजी स्कूल को मात” को अपने फेसबुक में पोस्ट कर कमेंट में लिखा “इच्छा शक्ति और समर्पण का मिशाल है गुंझेटा के शिक्षक का योगदान । निजी स्कूल से ज्यादा सुविधा है सरकारी स्कूल में। अपनी उत्कृष्ट कार्यों के लिए क्षेत्र में जाने जाते हैं।