पुलिस लाइन में हुआ फायर सेफ्टी मॉकड्रिल, आकस्मिक परिस्थिति से निपटने का कराया गया पूर्वाभ्यास ।

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो केसीजी

🟠 पुलिस टीम केसीजी ने दिखाई तत्परता, आमलोगों से पहले स्वयं रहे सजग एवं लोगाे को करे जागरूग।
आगजनी व गैस टंकी के लिकेंज होने की स्थिति में आमलोगों की सुरक्षा के लिए शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा के निर्देशन में पुलिस लाइन में डिफेंस, आगजनी से निपटने माकड्रिल का अभ्यास कराकर जागरुक किया गया। जिसमें सायरन की आवाज सुनते ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने सहित फायर टीम ने आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव का अभ्यास किया।
शुक्रवार की सुबह को पुलिस लाइन खैरागढ़ में टीम केसीजी पुलिस द्वारा आपात स्थितियों में सुरक्षा को लेकर पुलिस ने डिफेंस माकड्रिल की गई। माकड्रिल कराने हेतु फायर बिग्रेड (अग्निषामक दल) राजनांदगांव की टीम ने पुलिस लाईन खैरागढ़ में पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों को आपस में बांटकर अभ्यास कराया गया। आपात स्थिति में सायरन बजने पर क्या करना चाहिए इसके बारे में अभ्यास के जरिए जानकारी दी गई। माकड्रिल में गैस टंकी में आग लगने पर कम्बल ,बाल्टी व अन्य प्रकार से आग बुझाने व अग्निषामक यंत्र के उपयोग से आगजनी से राहत व लोगो को बचाने हेतु जागरूक किया गया। घरेलु गैस टंकी पर आग लगने की स्थिति में सर्वप्रथम घबराये न सूझबूझ दिखा उक्त विधि का प्रयोग कर या सुरक्षित स्थानो में जा कर स्वयं व लोगो की जान बचा सकते है।
आगजनी होने पर इन बातों का रखें ध्यान
🟣आग लगने पर लोग उपाय करने से पहले अफरातफरी मचा देते हैं, जिससे बचाव कार्य में परेशानी होती है। आग लगने पर संयम से काम लें।
🟣यदि आपके पास अग्निशामक यंत्र है और आप उसे हैंडल करना जानते हैं तो उसे सक्रिय करें।
🟣आग बढ़ने पर अग्निशामक दल को बुलाने के लिए 101 या 112 नंबर डायल करें।
🟣किसी बड़ी बिल्डिंग या ऑफिस में आग में फंसे हों तो तुरंत फायर अलार्म सक्रिय करें। हमेशा आग बुझाने वाला यंत्र और बचाव कंबल तैयार रखें।
🟣ज्यादातर देखने में आता है कि व्यक्ति खुद की सुरक्षा करने से ज्यादा आग बुझाने में जुट जाते हैं, जिससे वे फंस जाते हैं।
🟣घर में बेवजह की रद्दी व कचरा नहीं रखना चाहिए, ये आइटम जल्द आग पकड़ते हैं।
🟣खेत-खलिहानों में सूखी घास, लकड़ियां आदि महफूज जगह पर रखना चाहिए।
🟣तुरंत 101 नंबर पर कॉल कर सूचना दें। फायर अलार्म ऑन करें, फिर जोर-जोर से ‘आग-आग’ चिल्लाकर लोगों को सचेत करें।

🟣लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का ही उपयोग करें।
🟣अगर आग आपकी इमारत में लगी है और आप फंसे नहीं हैं तो तुरंत बाहर आकर 101 को फोन करें और लोगों को बचाव के लिए कहें।
🟣घटनास्थल पर भीड़ न होने दें, इससे फायर ब्रिगेड को काम करने में परेशानी होगी।
🟣फालतू में चिल्ला-चिल्लाकर फंसे लोगों को निर्देश न दें, इससे वे और घबरा जाएंगे।
🟣धुएं में घिरने पर जमीन पर बैठ या लेट जाएं, इससे धुएं का असर आप पर कम होगा।सामान जल रहा है तो पानी-रेत-फोमकेमिकल का छिड़काव कर आग बुझाएं। अगर आग बिजली के तारों या शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है तो पानी का इस्तेमाल न करें।
🟣आग लगने पर तुरंत बिजली का मेनस्विच बंद कर दें। तार आग जल्दी पकड़ते हैं।
🟣जहां आग लगी है, उसके आसपास की चीजों को हटा दें, क्योंकि उनसे आग फैल सकती है।
🟣समय-समय पर आपके भवन में लगे फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, पानी के स्रोत, फोम तथा केमिकल, सार्वजनिक सूचना सिस्टम आदि की जांच करते रहें।
🟣बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोगों को वर्ष में दो बार डेमो द्वारा फायर इंस्ट्रूमेंट्स उपयोग करने तथा खुद का बचाव करने की जानकारी दें। अग्निशामक यंत्र हर ओर रखे दिखते हैं, लेकिन इन्हें चलाना कोई नहीं जानता। इसलिए इसका प्रशिक्षण फायर ब्रिगेड मुफ्त में देता है।
🟣अपने घर-ऑफिस में स्मोक डिटेक्टर लगाएं।
🟣एसी, फ्रिज, कंप्यूटर, टीवी, टुल्लू पंप और ओवन जैसे आइटमों के लिए पावर स्विच लगवाना चाहिए। साधारण खटके से चलाने पर वे गरम होकर जल जाते हैं।
🟣सबसे पहले एंबुलेंस को फोन करें। थोड़ा या ज्यादा जलने पर ठंडे पानी का कपड़ा जख्म पर रख दें, इससे जलन कम होगी।
🟣जले स्थान पर चूना, हल्दी या टूथपेस्ट न लगाएं, इससे घाव ठीक नहीं होता, डॉक्टर को इलाज में परेशानी होती है।



