ग्रामीण क्षेत्रों में मोतियाबिंद मरीजों की पहचान पर जोर मितानिनों को दिया गया नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद का प्रशिक्षण

ग्रामीण क्षेत्रों में मोतियाबिंद मरीजों की पहचान पर जोर मितानिनों को दिया गया नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद का प्रशिक्षण

कबीरधाम। ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से नेत्र वसंत रूरल आई प्रोग्राम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला के मार्गदर्शन में जन कल्याण सामाजिक संस्थान द्वारा साइट सेवर इंडिया के सहयोग से मितानिन कार्यकर्ता, एएनएम, एमएएस एवं एमटी के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम तरेगांव जंगल, विकासखंड बोड़ला में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण में 55 मितानिन कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान संस्था प्रतिनिधि श्री हरीश क्षत्री ने दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों, विशेषकर बैगा समुदाय में मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें निशुल्क ऑपरेशन सुविधा से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि चिन्हित मरीजों को नि:शुल्क परिवहन, भोजन एवं रहने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
नेत्र अधिकारी उदयाचल प्रभात कुमार गुप्ता ने मितानिनों को मोतियाबिंद के लक्षण, कारण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देते हुए कहा कि समय पर पहचान से अंधत्व को रोका जा सकता है। उन्होंने मितानिन कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए जरूरतमंद मरीजों को सही मार्गदर्शन दें।
कार्यक्रम में डॉ. प्रतिमा जांगड़े ने कहा कि मितानिन, एएनएम, आरएचओ एवं एमटी की सक्रिय भागीदारी से बोड़ला ब्लॉक को मोतियाबिंद मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम का समापन कम्युनिटी मोबिलाइजर जय प्रकाश पोर्ते द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। इस दौरान केन्द्र प्रभारी श्रीमती प्रतिमा जांगड़े, सुपरवाइजर संतोष चौधरी, श्रीमती कलियारी, मितानिन प्रशिक्षक रामकुमारी पोर्ते, यशोदा झरिया एवं नेत्र सहायक देवलाल बंजारे विशेष रूप से उपस्थित रहे।



