आरटीई के 74 लाख रुपयों का गबन, दबंग अधिकारी ने गरीब बच्चों की राशि का किया बंदर बांट, दो दिनों में कड़ी कार्रवाई की मांग


रायपुर। राजधानी रायपुर (Capital Raipur)के पूर्व जिला शिक्षाअधिकारी जीआर चंद्राकर (GR Chandrakar)पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम के 74 लाख रुपयों की गबन का आरोप लगाया गया है। जिसे लेकर लगातार एफआईआर (FIR)की मांग भी की जा रही है।
पूर्व शिक्षा अधिकारी पर पहले भी अनियमितता के आरोप लगते रहे हैं। मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी के परिषद के कार्यकर्ताओं ने 22 फरवरी को शिक्षामंत्री, माध्यमिक शिक्षा मंडल, कलेक्टर व एएसपी लखन पटले को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की गई थी। जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी चंद्राकर द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम की राशि स्कूलों के खाते में डलवाने के बजाये संचालक मंडल से जुड़े लोगों को दे दिया गया है। तीन स्कूल ऐसे हैं जो बंद हो चुके हैं। कुछ ऐसे भी स्कूलों को रुपए दे दी गई है जहां आरटीई के तहत बच्चे पढ़ते ही नहीं है। पूरे में मामले में जीआर चंद्राकर पर बड़ी लापरवाही को अंजाम देने का आरोप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने लगाया है।

चंद्राकर करीब तीन महीने पहले रिटायर हो चुके हैं और उनकी जगह पर नए शिक्षा अधिकारी एएन बंजार आये हुए हैं। इस मामले की शिकायत मौजूदा शिक्षा अधिकारी से भी की गई और जांच की मांग की गई है।एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आज पूर्व डीईओ के खिलाफ गबन का आरोप लगाते माध्यमिक शिक्षा मंडल के कार्यालय के सामने नकली नोट दिखाकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही एफआईआर कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
टीसीपी 24 से खास बातचीत में एबीवीपी के विभोर ठाकुर ने बताया कि रायपुर जिले के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चंद्राकर ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के 74 लाख रुपयों की राशि का गबन किया है। इस राशि से गरीब तबके के बच्चों की पढ़ाई होना था। जिस राशि का दबंग अधिकारी ने गलत तरीके से बंदर बांट किया है। वहीं जब एबीपी ने अधिकारियों से मामले में जवाब चाहा तो संबंधित अधिकारियों ने कहा यहां से कुछ नहीं हो सकता मंत्रालय से मिलेगा।

विभोर ठाकुर ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा जब आपके हाथ कुछ नहीं है तो इतना बड़ा गबन कैसे हो गया। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक गबन का पैसा गरीब बच्चों को वापस नहीं किया जाता। तब तक लगातार एबीवीपी का आंदोलन करता रहेगा। एबीपी ने मामले में दो दिनों के भीतर कड़ी कार्रवाई नहीं करने पर शिक्षा मंत्री का घेराव करने की बात कही है।


