रेल न्यूज़ : च्वाइस सेंटर की आड़ में ई-टिकटों की हेराफेरी


बिलासपुर / च्वाइस सेंटर की आड़ में ई-टिकटों की कालाबाजारी करने एक को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से 2645 रुपये कीमत के 10 टिकट बरामद किया गया। आरोपित के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त एएन सिन्हा तथा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऋषि कुमार शुक्ला के निर्देशन में ई-टिकट का अवैध व्यापार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुखबिर से बिलासपुर आरपीएफ पोस्ट प्रभारी भास्कर सोनी को सूचना मिली की घुटकू स्थित एक डिजीटल च्वाइस सेंट में कमीशन लेकर टिकट बनाया जा रहा है।
इस पर पोस्ट प्रभारी ने उप निरीक्षक मनीषा कुमारी मीना, आरक्षक अशीष सिंह, अक्षय चौहान एवं महिला आरक्षक काजल पटेल के साथ घुटकू में पहुंचकर च्वाइस सेंटर में दबिश दी। यहां एक व्यक्ति को रेलवे ई-टिकट बनाते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना संदीप कुमार (24) निवासी घुटकू थाना कोनी बताया। उसने यह भी जानकारी दी कि मेरी दुकान में आधार कार्ड, मनी ट्रांसफर के साथ रेलवे ई-टिकट भी बनता है।
इसके लिए वह लैपटॉप का उपयोग करता है। इस पर जब टीम ने लैपटाप से बने ई-टिकटों की जांच की तो दो पर्सनल आइडी से 10 रेलवे ई – टिकट बनने की पुष्टि हुई। इसकी कीमत 2645 रुपये है। प्रथम दृष्टया में आरोपित को रेलवे अधिनियम की धारा 143 का दोषी पाकर गिरफ्तार कर लिया गया।
उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इसके साथ लैपटॉप भी जब्त कर लिए गए हैं। आरपीएफ का यह अभियान अभी लगातार जारी रहेगा। दरअसल अभी त्योहारी सीजन चल रहा है। दलाल सक्रिय है और ई-टिकट बनाने की एवज में लोगों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं।