हरियाणा के राजभाषा सीख रहे बच्चे, वीडियो काल से कर रहे संवाद

हरियाणा के राजभाषा सीख रहे बच्चे, वीडियो काल से कर रहे संवाद

देश के अन्य राज्यों की भाषाओं को विद्यार्थियों के भीतर विकसित करने के लिए सरकारी स्कूलों में बहुभाषी शिक्षा दी जा रही है। शासकीय प्राथमिक शाला परसदा के प्रधान पाठक के सहयोग पर सहायक शिक्षक उषा कोरी के द्वारा मोबाइल वीडियो काल से हरियाणा राज्य के राजभाषा की शिक्षा बच्चों को दी गई। वीडियो काल के बच्चों ने हरियाणा के स्कूली बच्चों से स्थानीय भाषा में बातचीत की। साथ ही प्रत्येक शब्द के अर्थ के बारे में समझाया गया।
बिल्हा ब्लाक के शासकीय प्राथमिक शाला परसदा के सहायक शिक्षिक उषा कोरी ने कक्षा तीसरी के बच्चों के साथ विडीयों कान्फ्रेंस के द्वारा हरियाणा राज्य के राज्यकीय प्राथमिक पाठशाला मंडोरी जिला सोनीपत के बच्चों के साथ स्थानीय भाषा पर बातचीत की गई।
इस दौरान परसदा स्कूल के बच्चों ने छत्तीसगढ़ी में राज्य गीत सुनाया। साथ ही सामान्य बोलचाल में छत्तीसगढ़ी में बोले जाने वाली शब्द जैसे – तोर नाम का हे, का साग खाए, तय अब्बड सुघ्घर दिखहत हस ,छत्तीसगढ़िया सब ले बढ़िया, संगवारी, नोनी-बाबू , दाई, पताल, जुन्ना, तोर, मोर, सुघ्घर, महू समेत अन्य शब्दों का मतलब बच्चों द्वारा हरियणा के बच्चों को बताया गया।
वही हरियाणा राज्य के बच्चे व कक्षा शिक्षिका सीमा सिंग के द्वारा हरियाणवी भाषा में भजन सुनायी गई। साथ ही हरियाणा की भाषा में बोले जाने वाले वाक्य शबमनै याद आया, देक्खो के होगा, हाथ हटा, चालदा बण, जुकर सै नू ए भता, मनै ख्याल आया, प्लोथी मा, यो मेरी समझ मैं नी आया, मेरे छो उठ गया, उसने भित्तर आन दे, क्या खात्तर जैसे शब्दों के बारे में बताया गया।
बच्चों में बढ़ेगा भाषा का ज्ञान
शिक्षिका उषा कोरी ने बताया कि वह पिछले दिनों वो सीसीआरटी का प्रशिक्षण लेने हैदराबाद गई थी। जहां उन्होंने बताया कि हरियाणा, बिहार, तेलंगाना, कर्नाटक, महराष्ट् और पश्चिम बंगाल से आए शिक्षकों से बहुत कुछ सीखने को मिली। साथ ही उनके संस्कृति, भाषा को जानने का और सीखने का अवसर मिला। इससे प्रभावित होकर ही भाषा को लेकर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अन्य राज्यों की भाषा से स्कूलों के बच्चों को रूबरू कराया जा रहा है। इससे बच्चों में अन्य राज्यों की भाषाओं का ज्ञान विकसित होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मिल रही शिक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसकी शुरूआत किया है। ताकि स्कूली बच्चों के बीच राष्ट्रीय एकता, भाईचारा और अन्य राज्यों की कला, संस्कृति, रीति-रिवाज से परिचय कराने सहित राज्यों के भाषाओं को सीखाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा संचालक एससीईआरटी, सर्व शिक्षा मिशन, लोक शिक्षण संचालनालय एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के बच्चों को दूसरे राज्यों की भाषा को पढ़ाया जा रहा है।