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किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना से राशि जारी, मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने किया वादा पूरा :- नीलू चंद्रवंशी

कवर्धा :- प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम एवं वन मंत्री माननीय मोहम्मद अकबर द्वारा राज्य की मुख्यमंत्री भूपेश बधेल ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को चौथी किश्त के भुगतान का प्रचार-प्रसार किये जाने के उद्देश्य से दिनांक 22 मार्च 2021 को जिला स्तरीय जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नीलू चंद्रवंशी द्वारा पत्रकारवार्ता आयोजित किया गया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल21मार्च को प्रदेश के 18 लाख 43 हजार किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त के रूप में1104.27 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया इस योजना में अब तक किसानों को तीन किश्तों में 4500 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार प्रमाणित बीज उत्पादक

4777 किसानों को तीन किश्तों में 23 करोड़ 62 लाख रूपए तथा गन्ना उत्पादक 34 हजार 292 किसानों को अतिरिक्त प्रोत्साहन (बोनस) और आदान सहायता के रूप में 74 करोड़ 24 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इस प्रकार धान उत्पादक किसानों की चौधी किश्त की राशि मिलाकर. प्रमाणिक वीज उत्पादक किसानों और गन्ना उत्पादक किसानों को 5702 करोड़ 13 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। छत्तीसगढ़ में किसानों के साथ हो रहा है न्याय

केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा डाली गई तमाम अड़चनों बाधाओं और खड़ी की गई समस्याओं
का बखूबी सामना करते हुए छतीसगढ़ की कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना की राशि सफलतापूर्वक दे दी है राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त के भुगतान के साथ स्पष्ट हो गया कि
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार और कांग्रेस पार्टी जो कहती है वह करती है। एक तरफ जब देश भर के किसान समर्थन मुल्य के लिये महिनों से आंदोलित है. सड़कों पर है उस समय छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने अपने राज्य के 21.5 लाख किसानों से लगभग 91.5 लाख मीट्रिक टन धान घोषित
समर्थन मूल्य में खरीद कर एक रिकार्ड बनाया है धान खरीदी के बाद राज्य के किसानों को
प्रोत्साहित करने के लिये कांग्रेस सरकार ने किसानों को न्याय योजना के माध्यम से 10 हजार रू. प्रति एकड़ की सहायता दे रही है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना में धानए गन्नाए मक्का उत्पादक किसानों को पहले वर्ष की चौथी किश्त के 1104.27 करोड़ रू मिलेंगे। राजीव गांधी किसान
न्याय योजना के दूसरे चरण में धानए गन्नाए मक्का के अलावा दलहन, तिलहन, गौण अन्न रागी,
कोदो, कुटकी उत्पादक किसानों को भी शामिल किया जायेगा। इस योजना में भूमिहीन और सीमांत किसानों को शामिल कर मुख्यमंत्री ने राज्य की एक बड़ी आबादी की आर्थिक उन्नति के द्वारा खोल दिये है।
केंद्र की मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया लेकिन आज तक किसान हित में कोई ठोस पहल नहीं की छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सरकार के 15 साल में किसानों से जो वादाखिलाफी और धोखाधड़ी हई उसे हम सब बखूबी जानते हैं। छत्तीसगढ़ में मांग करने और केंद्र से रोक लगाने की भाजपा की दोहरी भूमिका अब किसान समझ
चुके हैंकेंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल राजीव गांधी किसान न्याय योजना पर रोक लगाने की बात करते हैं तो भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह भाजपा विधायक दल के नेता धरमलाल कौशिक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय क्यों हैं खामोश
केंद्र की भाजपा की सरकार का किसान विरोधी चरित्र हो चुका है बेनकाब छतीसगढ़ भाजपा किसानों के साथ होने का दिखावा करना बंद करें सत्तीसगढ़ में मांग करने और केंद्र से रोक लगाने की भाजपा की दोहरी भूमिका अब किसान समझ चुके हैं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल राजीव गांधी किसान न्याय योजना पर रोक लगाने की बात करते हैं तो
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह भाजपा विधायक दल के नेता धरमलाल कौशिक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय क्यों हैं खामोश केंद्र की भाजपा की सरकार का किसान विरोधी चरित्र हो चुका है बेनकाब छत्तीसगढ़ भाजपा होनेका दिखावा करना बंद करें
राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों की समृद्धि का आधार भाजपा और केन्द्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़े के किसानों के धान के इतने ज्यादा विरोध में उतर आये हैं कि राज्य के किसानों का धान से बना चांवल न तो खुद ले रहे है और न ही उससे एथेनॉल बनाने की अनुमति देना चाहते है
भाजपा की केंद्र सरकार के साथ साथ रमनसिंह सहित तमाम भाजपा नेता किसानों के विरोध में है राजीव गांधी किसान न्याय योजना राज्य के आर्थिक विकास का मजबूत आधार बन चुकी है।ें शरीफ़ मौसम में धान के साथ साथ 13 अन्य फसलो मक्का सोयाबीन, मंगफली तिल
अरहर मंग, उड़द कुल्थी, रामतिल, कादा कुटको, रागी, तथा रबी में गन्ना फसल को
किया गया है।

भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार की वक्रदृष्टि किसानों के हित में चलाई जा रही राजीव गांधी किसान न्याय योजना पर भी पड़ चुकी है। पूर्व में केन्द्र सरकार ने इस योजना को धान पर बोनस तो नहीं का सवाल राज्य से किया था। भाजपा के रमन सिंह जैसे नेताओं ने बार.बार न्याय योजना को धान का
बोनस बताने का प्रयास कर राज्य के खिलाफ केन्द्र सरकार को दिग्भमित भी किया है। इसी का परिणाम है कि मोदी सरकार ने राज्य से सेन्ट्रल पुल में 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की सहमति के बाद उसमें कटौती कर 24 लाख मीट्रिक टन कर दिया। भाजपा के रमन सिंह जैसे नेताओं के राज्य विरोधी अभियान
का दुष्परिणाम है कि राज्य सरकार 1865 रू. के समर्थन मूल्य में किसानों से धान की खरीदी कर खले बाजार में लगभग 1400 रू में नीलामी करने को मजबूर है।

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