“आस्था पर हमला” — कबीर आश्रम कार्यक्रम के पोस्टर फाड़ने की घटना से ग्रामीणों में रोष
“आस्था पर हमला” — कबीर आश्रम कार्यक्रम के पोस्टर फाड़ने की घटना से ग्रामीणों में रोष
धर्म, समाज और मर्यादा पर सीधी चोट — पोस्टर फाड़ने की घटना पर JCCJ ने मांगी कठोर कार्रवाई
कवर्धा – नवागांव (महराटोला) स्थित श्री सदगुरु कबीर आश्रम खडौदा के आश्रित ग्राम में आयोजित होने वाले चादर–तिलक समारोह के पोस्टर फाड़े जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने इसे धार्मिक आस्था पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि इस कृत्य ने न केवल समाज की परंपराओं का अपमान किया है, बल्कि धार्मिक सौहार्द को भी ठेस पहुँचाई है।
ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पोस्टर फाड़ने का आरोप भाजपा से जुड़े एक प्रभावशाली नेता पर लगाया जा रहा है। घटना के बाद गाँव में माहौल गंभीर बना हुआ है और लोग इसे राजनीतिक दबंगई का ताज़ा उदाहरण मान रहे हैं।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (J) के जिलाध्यक्ष सुनील केशरवानी ने इस मामले को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के गृहजिले में लगातार बढ़ते राजनीतिक दुरुपयोग और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने कहा “धार्मिक कार्यक्रमों के पोस्टर फाड़ना केवल कागज़ फाड़ना नहीं है,यह समाज की भावनाओं, संत परंपरा और धार्मिक आस्था पर सीधी चोट है। ऐसे तत्वों को संरक्षण मिल रहा है, तभी वे खुलेआम ऐसा दुस्साहस कर पा रहे हैं।”
केशरवानी ने आरोप लगाया कि प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता इस बात का संकेत है कि दबंग तत्व बेख़ौफ़ होकर धार्मिक–सामाजिक गतिविधियों में बाधा डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा, “धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले पहले आस्था की रक्षा करने की बात कहते हैं और अब उसी आस्था को चोट पहुँचा रहे हैं। जनता इस अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।”
जिलाध्यक्ष ने शासन–प्रशासन से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए,
धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए,
और क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक दबंगई पर कठोर रोक लगाई जाए।
अंत में केशरवानी ने स्पष्ट कहा कि “धार्मिक आस्था के अपमान पर न समाज चुप बैठेगा, न हम। दोषियों पर कार्रवाई ही न्याय का पहला कदम है।”

